छत्तीसगढ़: 4 शहरों को मिलाकर राज्य राजधानी क्षेत्र योजना
रायपुर । संवाददाता: एक नियोजित शहरी विस्तार और क्षेत्रीय एकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार अगले महीने राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region - SCR) की स्थापना करके एक प्रमुख विकास पहल शुरू करने के लिए तैयार है. राज्यपाल रामेन डेका ने विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में पारित विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज़ पर बनाए गए इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मार्ग प्रशस्त हो गया है.
राज्य राजधानी क्षेत्र एक एकीकृत मास्टर प्लान के तहत चार प्रमुख शहरी केंद्रों-रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई और दुर्ग-को एक साथ लाएगा, जिसका लक्ष्य संतुलित, टिकाऊ और समावेशी विकास है. एस.सी.आर. को औपचारिक रूप देने वाली एक अधिसूचना राज्य के राजपत्र में प्रकाशित की गई है.
चार प्रमुख शहरों का एकीकृत विकास
अधिसूचना के अनुसार, एस.सी.आर. योजना को नौ क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें चरणबद्ध विकासात्मक गतिविधियों, समय-सीमा और बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों का विवरण दिया गया है. राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार किए गए 'छत्तीसगढ़ अंजोर 2047' नामक विज़न डॉक्यूमेंट में इन शहरों को एक समेकित शहरी गलियारे में एकीकृत करने का रोडमैप बताया गया है.
एस.सी.आर. विकास खाका 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, व्यवसाय, पर्यटन, आधुनिक बुनियादी ढांचा और कौशल विकास शामिल हैं.
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा, "एस.सी.आर. का विकास राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक विकास इंजन के रूप में काम करेगा. यह औद्योगिक निवेश, शहरी विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर खोलेगा."
क्रियान्वयन की निगरानी के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण
औपचारिक अधिसूचना जारी होने के साथ, राज्य अब राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Capital Region Development Authority - CRDA) का गठन करेगा, जो एस.सी.आर. मास्टर प्लान को क्रियान्वित करने के लिए जिम्मेदार होगा. सी.आर.डी.ए. 23 नागरिक निकायों और लगभग 700 गांवों को एक प्रशासनिक ढांचे के तहत एकीकृत करेगा, जिससे समन्वित योजना, कुशल शासन और संसाधनों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित होगा.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सूचित किया कि सी.आर.डी.ए. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगा और बढ़ती शहरी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण करेगा, जिसके 2031 तक 50 लाख से अधिक होने का अनुमान है.
सी.आर.डी.ए. एनसीआर योजना बोर्ड, हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) की तर्ज़ पर कार्य करेगा. मुख्यमंत्री सी.आर.डी.ए. के अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे, जबकि शहरी प्रशासन और विकास, आवास और पर्यावरण तथा लोक निर्माण मंत्री प्रमुख सदस्य के रूप में कार्य करेंगे.
छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिवर्तन को शक्ति देगा शहरीकरण
वर्तमान में, छत्तीसगढ़ की लगभग 27 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, यह आंकड़ा 2047 तक 45 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है. एस.सी.आर. पहल स्मार्ट बुनियादी ढांचे, टिकाऊ आवास और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को विकसित करके बढ़ते शहरीकरण के दबावों को संबोधित करेगी.
रायपुर और नवा रायपुर को जुड़वां स्मार्ट शहरों के रूप में नियोजित विस्तार, भिलाई-दुर्ग की औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमता के साथ मिलकर, एस.सी.आर. को मध्य भारत में एक प्रमुख विकास गलियारे के रूप में स्थापित करेगा. भूमि अधिग्रहण और विकास की प्रक्रिया सी.आर.डी.ए. द्वारा चरणबद्ध और पारदर्शी तरीके से की जाएगी.
एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करना
एस.सी.आर. की स्थापना भारतीय जनता पार्टी के 2023 विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में एक प्रमुख प्रतिबद्धता थी. इस मोर्चे पर तेजी से आगे बढ़कर, विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आर्थिक रूप से जीवंत राज्य में बदलना है.
अधिकारियों का मानना है कि एस.सी.आर. न केवल छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा.