छत्तीसगढ़ SIR: कांग्रेस ने की दावा-आपत्ति की समय सीमा बढ़ाने की मांग
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने दावा-आपत्ति की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. कांग्रेस के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची से हजारों आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों के नाम हटाए जाने की आशंका जताई है.
शैलेश नितिन त्रिवेदी के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग पहुंचे दल ने दावा किया कि सलवा जुडूम के कारण विस्थापित हुए लाखों आदिवासी अभी भी अपने मूल गांवों से दूर राहत शिविरों में रह रहे हैं, जिन्हें इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा पा रहा है.
कांग्रेस ने मांग की है कि दावा-आपत्ति की समय सीमा को आगे बढ़ाया जाए और वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाई जाए.
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि शहरों में रहने वाले अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिहाड़ी मजदूर ड्यूटी के घंटों के कारण बीएलओ से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने सत्तारूढ़ भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रिंटेड फॉर्म के जरिए अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम 'मृत' या 'शिफ्टेड' बताकर हटाने की साजिश रची जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि 'लॉजिकल एरर' के बहाने लाखों नाम हटाए जा रहे हैं, जबकि 22 तारीख को समय सीमा समाप्त हो रही है.
इसके अलावा, राज्य में बनाए गए 4,000 नए मतदान केंद्रों पर बीएलओ की नियुक्ति और प्रशिक्षण न होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं.
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि चूंकि राज्य में फिलहाल कोई चुनाव नहीं है, इसलिए जल्दबाजी के बजाय पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा को पर्याप्त रूप से बढ़ाया जाना चाहिए.