धान खा गए चूहे? BJP MP का तंज- सरकार को अब पालनी होगी बिल्ली
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सरकारी केंद्रों से भारी मात्रा में धान गायब होने और इसके पीछे चूहों व दीमकों को जिम्मेदार ठहराए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. रायपुर से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि अगर चूहे धान खा रहे हैं, तो अब राज्य सरकार को इनसे निपटने के लिए बिल्लियों का इंतजाम करना होगा.
उनके इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी बहस तेज हो गई है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, कवर्धा जिले में लगभग 7 करोड़ रुपये और महासमुंद में करीब 18 करोड़ रुपये का धान गायब पाया गया है. कवर्धा में एक अधिकारी ने इस कमी के पीछे चूहे, कीड़े और मौसम को मुख्य कारण बताया था.
हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्पष्ट किया कि धान की कमी मुख्य रूप से खुले में रखे अनाज के सूखने (वजन कम होने) की वजह से हुई है, न कि चूहों के कारण.
इस मामले में मार्कफेड सचिव ने केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया है और जिला विपणन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
दूसरी ओर, महासमुंद जिले में बीते 10 महीनों के भीतर 81,620 क्विंटल धान कम पाया गया है.
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा है और इसे भ्रष्टाचार का बड़ा घोटाला करार दिया है.
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि "चूहे पकड़ने के लिए बिल्ली पालने की योजना" भी कहीं एक नए घोटाले की तैयारी तो नहीं है.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान 149 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की रिकॉर्ड खरीदी की है.