नाबालिक से रेप पर 20 साल के कठोर कारावास की सजा
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवक द्वारा नाबालिग लड़की को शादी के नाम पर बहकाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है. विशेष अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा के साथ-साथ 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना न चुकाने पर उसे अतिरिक्त चार महीने की जेल काटनी होगी.
घटना की जानकारी देते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि 27 जनवरी को सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनकी बेटी स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वह शाम तक घर नहीं लौटी. परिजनों ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के बीच तलाशी ली, मगर कहीं सुराग नहीं मिला. संदेह के आधार पर उन्होंने कोतरा रोड थाने में अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत लापता व्यक्ति का मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
जांच के दौरान 5 फरवरी को ग्राम लिटाईपाली से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि 24 वर्षीय आरोपी विजय जांगड़े उर्फ बिज्जू ने जानबूझकर नाबालिग होने का पता होते हुए भी शादी का झांसा देकर उसे भगाया था. उसके साथ आरोपी ने कई बार शारीरिक शोषण भी किया.
इस पर पुलिस ने आरोपी को बीएनएस की धारा 65(1) एवं 87 के तहत तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4-6 के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) पास्को देवेंद्र साहू की अदालत में हुई. दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया. इस फैसले को पीड़िता के परिवार ने न्यायपूर्ण बताया है. मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष का मजबूती से पक्ष रखा.
यह सजा नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर एक कड़ा संदेश है, जो समाज में नैतिकता और कानूनी सख्ती की याद दिलाती है. पुलिस ने ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई का आश्वासन दिया है.