बीजापुर में सर्जरी के बाद 9 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया है. इस घटना ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और सर्जिकल कैंप प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को घटिया दवाएं वितरित की गईं. बघेल ने पीड़ितों के लिए तत्काल कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है.
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि 24 अक्टूबर को बीजापुर जिला अस्पताल में आयोजित एक सर्जिकल कैंप में 14 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था. मंगलवार को फॉलो-अप जांच के दौरान, डॉक्टरों ने नौ मरीजों में पोस्ट-ऑपरेटिव संक्रमण (ऑपरेशन के बाद का संक्रमण) का पता लगाया.
जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 9 मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर के डॉ. बी आर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल रेफर कर दिया, जहाँ उन्हें बुधवार सुबह भर्ती कराया गया.
अंबेडकर अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 9 में से 8 मरीजों में गहरी आंख के संक्रमण (डीप ऑक्यूलर इंफेक्शन) के लक्षण हैं. एक डॉक्टर ने बताया, “8 मरीजों की ऑपरेशन वाली आंख में गहरा संक्रमण है. 1 मरीज की आंख अभी सामान्य बनी हुई है.” प्रभावित मरीजों को आवश्यक दवाएं और उपकरण दिए गए हैं और वे गहन निगरानी में हैं.
मरीजों के परिजनों ने बीजापुर में ऑपरेशन के बाद देखभाल (पोस्ट-ऑपरेटिव केयर) में लापरवाही का आरोप लगाया है.
स्वास्थ्य सेवाओं की निदेशक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने घटना के कारणों की जाँच करने और पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम सुझाने के लिए 3 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. इस पैनल में राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निधि अत्रिवाल, बस्तर संभाग के संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. महेश संडिया और जगदलपुर जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डॉ. सरिता थॉमस शामिल हैं. टीम को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने दावा किया कि जटिलताएँ सामने आते ही प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. 9 मरीजों को रायपुर स्थानांतरित किया गया और आवश्यक दवाएं तथा उपकरण उपलब्ध कराए गए. अधिकारियों ने जाँच दल को बीजापुर में तत्काल ऑन-साइट निरीक्षण शुरू करने का भी निर्देश दिया है.
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि आपराधिक या प्रशासनिक कार्रवाई, जिसमें मुआवजा भी शामिल है, वारंटेड है या नहीं.
अधिकारियों ने उन सभी मरीजों से आग्रह किया है जिनका ऑपरेशन बीजापुर में 24 अक्टूबर को हुआ था, वे किसी भी लक्षण जैसे दर्द, सूजन, डिस्चार्ज या धुंधला दिखाई देना की सूचना बिना किसी देरी के निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केंद्र को दें. (File Photo)