छत्तीसगढ़ का साइबर ठग गिरफ्तार
देहरादून । डेस्क: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के 35 वर्षीय हर विलास नंदी को उत्तराखंड पुलिस ने एक फर्जी विदेशी निवेश योजना के जरिये सेना मेडिकल कोर के रिटायर्ड सूबेदार मेजर से 34.17 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया. पुलिस ने उसके पास से यूएई, ओमान और अमरीका की विदेशी मुद्रा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, यूएई निवास कार्ड और एक मोबाइल फोन जब्त किया.
नंदी, जो कथित तौर पर एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का सरगना है, 10 साल तक दुबई में रहा. उसका फेसबुक और ईमेल आईडी दुबई में बनाये गये थे, और उसका बैंक खाता फिलीपींस से संचालित हो रहा था.
ठगी से प्राप्त पैसा उसके खाते में ट्रेस किया गया, जिसे बाद में दुबई में निकाला गया. एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि नंदी के बैंक खाते पर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर देशभर से 37 शिकायतें दर्ज हैं.
एक महीने में उसके खाते में 3.46 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन देखे गये. उसने छत्तीसगढ़ में मजदूरों को 50,000 से 1 लाख रुपये में बैंक खाते बेचने के लिये लालच दिया, जिनका इस्तेमाल बाद में धोखाधड़ी के लिये किया गया.
नंदी लंबे समय से फरार था और नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा क्षेत्र में छिपा था. तकनीकी निगरानी के बाद उसे भिलाई से गिरफ्तार किया गया और देहरादून लाया गया.
जांच 2024 में एक शिकायत के बाद शुरू हुई, जिसमें पीड़ित ने फेसबुक पर मिली अपोलो इंडिया प्राइवेट इक्विटी (मॉरीशस) लिमिटेड नामक फर्जी कंपनी में 34.17 लाख रुपये निवेश करने की बात कही.