सोम, 19 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़ में घुमंतू पशुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं

C

CG Khabar

26 फ़र. 2026, 06:31 PM 3 मिनट में पढ़ें 3

आवारा मवेशी
आवारा मवेशी

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में घुमंतू पशुओं की संख्या 20वीं पशु संगणना के अनुसार 1 लाख 84 हजार 993 है. इनके रख-रखाव के लिये पशुधन विकास विभाग द्वारा 11 गौठान हैं. जिनकी क्षमता मात्र 2200 पशु है. इतना ही नहीं वर्तमान में 3 गौधाम संचालित हैं जिसमें 620 पशु संरक्षित हैं. जाहिर है कि बाकी के 1 लाख 84 हजार 373 पशु सड़कों पर घूम रहें हैं.


यदि सभी 11 गौधाम में पशु रखे जाये तो भी 1 लाख 22 हजार 793 पशु सड़कों पर रहने के लिये बाध्य है. यह आंकड़ा सरकार द्वारा जारी किया गया है.

विज्ञापन


हालांकि, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दावा किया जा रहा है कि इन घुमंतू पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई है तथा फसल क्षति की भी कोई खबर नहीं है, इसके बावजूद आसानी से समझ में आ जाता है कि छत्तीसगढ़ में 1 लाख 22 हजार 793 पशुओं के रख-रखाव का कोई ठिकाना नहीं हैं. 


सवाल किया जाना चाहिये कि सड़कों पर पशुओं के कारण जो दुर्घटना होती है जिसका समाचार-पत्रों में जिक्र रहता है वे पशु किस राज्य से आते हैं?


सरकारी आंकड़ों के अनुसार राजधानी रायपुर में 18,021, गरियाबंद में 13,765, बलौदाबाजार में 25,649, दुर्ग में 17,655, बेमेतरा में 19,547, बिलासपुर तथा गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 14,479, जांजगीर-चांपा-सक्ति में 17,069 पशु है, पूरे राज्य में कुल 1 लाख 84 हजार 993 पशु हैं.


बता दे कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य में आवारा पशुओं और मवेशियों के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने NHAI को सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने, उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने, पेट्रोलिंग टीम बढ़ाने और दुर्घटना रोकने के लिए हलफनामा (affidavit) दाखिल करने का निर्देश दिया था.


नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से आवारा पशुओं व मवेशियों को हटाकर गौशालाओं या आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है. आवारा पशुओं को रेडियम बेल्ट और टैगिंग (टैगिंग) लगाने का कार्य किया जा रहा है.


समाचार-पत्र के हवाले से खबर है कि छत्तीसगढ़ में आवारा मवेशियों से बढ़ रहे हादसों पर 11 नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. दरअसल हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों को ध्यान में रखकर कार्रवाई करने को कहा था. साथ ही मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था.


मुख्य सचिव ने शपथपत्र दिया जिसमें उन्होंने सरकार के तमाम फैसलों का जिक्र किया. इसे लेकर हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि आप लोग योजनाएं और निर्देश बनाते हैं, लेकिन लागू कौन कर रहा है? सड़कें अंधेरे में डूबी रहती हैं, हर दिन हादसे हो रहे हैं और सिर्फ रिपोर्ट भरकर खानापूर्ति की जा रही है. सुरक्षा और मॉनिटरिंग का हाल खराब है.


चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने चिंता जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए.


गैर-सरकारी सूत्रों के अनुसार पिछले 5 वर्ष में जानवरों से टकराने वाले हादसों में 404 लोगों की मौत हुई है तथा 129 गंभीर रूप से घायल हुये हैं. जनवरी-अगस्त 2024 में केवल आवारा पशुओं से जुड़े 73 हादसे हुये हैं जिनमें 55 लोगों की जान गई हैीं

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP