जशपुर में हाथियों का आतंक: शाम 4 बजे के बाद सड़कों पर पहरा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जंगली हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग ने एक कड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है. हाथियों के बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए तपकरा वन परिक्षेत्र के सतपुरिया जंगल से गुजरने वाले 10 किलोमीटर के मार्ग पर शाम 4 बजे के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है.
यह निर्णय हाल ही में हुई एक खतरनाक घटना के बाद लिया गया, जिसमें हाथियों के झुंड ने दो ग्रामीणों का पीछा किया था. गनीमत रही कि एक ग्रामीण ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई, जिसे बाद में वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित नीचे उतारा.
जशपुर के डीएफओ शशि कुमार के अनुसार, क्षेत्र में पिछले 20 दिनों से हाथियों का एक बड़ा दल और एक दंतैल हाथी सक्रिय है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा था.
इस स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने 'फोर-प्रॉम्प्ट स्ट्रैटेजी' (चार-चरणीय रणनीति) लागू की है, जिसके तहत अस्थाई बैरियर लगाकर रास्तों को सील किया जा रहा है.
विभाग का दावा है कि इस रणनीति के चलते साल 2025 में जिले के भीतर मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में भारी कमी दर्ज की गई है.
फिलहाल, यह प्रतिबंध अस्थायी है और हाथियों के स्थान बदलते ही बैरियर हटा दिए जाएंगे, लेकिन तब तक ग्रामीणों को सतर्क रहने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है.