मां से दुष्कर्म के दोषी को 25 साल का कठोर कारावास
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में दुर्ग की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अपनी ही मां के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी बेटे को 25 साल के सश्रम कारावास की सजा दी है. न्यायाधीश अवध किशोर ने इस कृत्य को सामाजिक अंतरात्मा को झकझोर देने वाला करार देते हुए स्पष्ट किया कि मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले अपराधी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती. भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कोर्ट ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है.
यह ह्दयविदारक घटना अगस्त 2025 की है, जब आरोपी ने शराब के लिए पैसे न मिलने पर घर में अकेली मां पर जानलेवा हमला कर दिया था. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पहले भी हत्या के एक मामले में 9 साल की सजा काट चुका था और पैरोल पर बाहर आया था.
घटना वाली रात उसने न केवल अपनी वृद्ध मां के साथ मारपीट की, बल्कि मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए उनके साथ दुष्कर्म किया. हालांकि सामाजिक लोक-लाज के भय से पीड़िता ने शुरुआत में केवल मारपीट की शिकायत की थी, लेकिन बाद में साहस जुटाकर उन्होंने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट में देरी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों के अभाव के बावजूद पीड़िता के बयानों और शरीर पर मौजूद चोटों को पुख्ता आधार माना.
विशेष बात यह रही कि सुनवाई के दौरान आरोपी ने स्वयं भी अपना गुनाह कबूल किया, लेकिन इसके लिए अपने परिवार को ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की.
कोर्ट ने आरोपी के तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे अपराध समाज में असुरक्षा का भाव पैदा करते हैं. इस फैसले ने न केवल पीड़िता को न्याय दिया है, बल्कि रिश्तों की गरिमा तार-तार करने वाली प्रवृत्तियों को भी कड़ा संदेश दिया है.