छत्तीसगढ़ में अमानक दवा का नहीं चलेगा पता !
छत्तीसगढ़ ने CDSCO को NSQ डाटा जमा नहीं किया
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ उन 19 राज्यों में शामिल हैं जिन्होंने जून माह में CDSCO को NSQ डाटा जमा नहीं किया है. इससे सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को पता नहीं चल पाएगा कि छत्तीसगढ़ में बिकने वाली दवाइयां अमानक हैं या नहीं.
बता दें कि ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने फरवरी 2024 में एक सर्कुलर जारी कर क्षेत्रीय दवा नियामकों से विशिष्ट प्रारूप में डेटा जमा करने की मांग की थी. ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी ने भी राज्यों से हर महीने नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी की जानकारी नियमित रूप से साझा करने का आग्रह किया है. CDSCO के अनुसार छत्तीसगढ़ ने भी मई माह में यह डाटा जमा नहीं किया था.
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने जून 2025 में 185 नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) दवा नमूनों की सूची जारी की है, जिसमें 70% से अधिक नमूने राज्य दवा नियामकों द्वारा रिपोर्ट किये गये हैं. हालांकि, छत्तीसगढ़ सहित 19 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों ने जून माह के लिए NSQ डेटा जमा नहीं किया है.
CDSCO के अनुसार, जून 2025 में केंद्रीय दवा प्रयोगशालाओं ने 55 दवा नमूनों को NSQ के रूप में चिह्नित किया, जबकि राज्य दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 130 नमूनों को NSQ घोषित किया. NSQ की पहचान दवा नमूने के एक या अधिक निर्दिष्ट गुणवत्ता मापदंडों में विफल होने के आधार पर की जाती है.
CDSCO ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड ने भी मई 2025 के लिए NSQ डेटा जमा नहीं किया था. इसके अतिरिक्त, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, दिल्ली, और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेशों ने भी डेटा जमा नहीं किया.
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल (इंडिया) (DCGI) के निर्देशानुसार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी, जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने जून 2025 के लिए NSQ डेटा जमा किया.
जून माह में राज्य प्रयोगशालाओं में परीक्षण किये गये 130 NSQ नमूनों में से, हिमाचल प्रदेश की मार्टिन एंड ब्राउन बायो-साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड की कैल्शियम और विटामिन डी3 टैबलेट के 13 नमूने पंजाब की राज्य दवा प्रयोगशाला में विवरण के मानकों को पूरा करने में विफल रहे.
कर्नाटक प्राधिकरण द्वारा गोवा की पुनिस्का इंजेक्टेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के छह नमूने भी NSQ के रूप में चिह्नित किये गये. इसके अलावा, कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम टैबलेट का एक नमूना भी NSQ पाया गया.
CDSCO और केंद्रीय प्रयोगशालाओं द्वारा जून में 55 NSQ दवा नमूनों में चीन की शाजम किनजियांग केमिकल की फॉस्फोमाइसिन फिनाइल एथिल अमाइन, शंघाई जिन्हे बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी की डोसेटेक्सेल एनहाइड्रस IP, और हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड की सेफोटैक्सिम सोडियम इंजेक्शन 1 ग्राम शामिल हैं.
17 जून 2025 को हुई ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक में राज्यों से गैर-अनुपालक निर्माताओं के खिलाफ उचित नियामक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया. CDSCO ने संशोधित शेड्यूल M विनिर्माण मानकों को लागू करने, नए ड्रग्स की मंजूरी से पहले केंद्रीय दवा नियामक की अनुमति, जोखिम आधारित निरीक्षणों (RBIs) के आधार पर कार्रवाई, और अन्य उपायों पर जोर दिया.
CDSCO ने चार नमूनों - सेफिक्सिम टैबलेट (टैक्सिम-ओ 200), हेपारिन सोडियम और बेंजाइल निकोटिनेट मलहम (थ्रोम्बोफोब), रोसुवास्टिन और फेनोफाइब्रेट टैबलेट (रोसुवास एफ 10 और 20) को कथित रूप से नकली घोषित किया, हालांकि यह जांच के परिणाम पर निर्भर है.
इसके अलावा, मई में परीक्षण किये गये ट्रैनेक्समिक एसिड टैबलेट (ट्रेनैक्सा 500) का एक नमूना भी नकली पाया गया, जो आगे की जांच के अधीन है.