धमतरी: बोर्ड परीक्षा के लिए बिरेतरा गांव में 'कर्फ्यू', शाम 6 के बाद छात्रों पर पाबंदी
धमतरी । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का बिरेतरा गांव इन दिनों अपनी एक अनोखी अनुशासन व्यवस्था के कारण चर्चा में है. आगामी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर निर्णय लिया है कि शाम 6 बजे के बाद कोई भी छात्र या युवा गांव की सड़कों, चौराहों या सार्वजनिक स्थानों पर घूमता नजर नहीं आएगा. इस नियम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उनकी पढ़ाई के लिए एक बेहतर माहौल तैयार करना है.
गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूल प्रबंधन समिति की संयुक्त बैठक में तय किया गया कि शाम 6 बजे के बाद बच्चों के बाहर निकलने पर उनके अभिभावकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही छात्रों के लिए मोबाइल फोन और टीवी के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.
गांव में वार्ड निगरानी समितियां बनाई गई हैं, जो पूरे दिन बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं. स्कूल के शिक्षकों ने इस बार 10वीं में 80% और 12वीं में 100% परिणाम का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए वे घर-घर जाकर बच्चों की शंकाओं को दूर कर रहे हैं.
सिर्फ शिक्षा ही नहीं, गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए भी सख्त नियम लागू किए गए हैं. शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने या बेचने वालों पर 5,000 से 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.
ग्रामीणों का कहना है कि इन नियमों के लागू होने के बाद से गांव की सड़कों पर सन्नाटा रहता है और बच्चे घर पर रहकर मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं. धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया है.