दंतेवाड़ा: घर के पास ही वकीलों से मुफ्त कानूनी सलाह मिलेगी
दंतेवाड़ा । संवाददाता: भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय की डिजिटल इंडिया पहल के तहत संचालित सीएससी टेली-लॉ योजना अब दंतेवाड़ा सहित बस्तर और बीजापुर जैसे दूरस्थ व ग्रामीण इलाकों में न्याय तक पहुँच को आसान बना रही है. इस योजना के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों को अब कानूनी सलाह के लिए जिला मुख्यालय या शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में जाकर घर के पास ही अनुभवी वकीलों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे.
टेली-लॉ योजना के अंतर्गत सीएससी केंद्रों पर वीडियो कॉल या फोन कॉल के जरिए सीधे वकीलों से बात करने की सुविधा उपलब्ध है. पात्र श्रेणियों के नागरिकों को यह कानूनी सलाह पूरी तरह निःशुल्क दी जा रही है.
योजना के तहत घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, भूमि और संपत्ति से जुड़े मामले, एफआईआर संबंधी जानकारी, पुलिस कार्यवाही, महिलाओं तथा एससी-एसटी वर्गों के अधिकार, भरण-पोषण सहित विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस सेवा का लाभ लेने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है.
इस योजना के सफल क्रियान्वयन में सीएससी के वीएलई (Village Level Entrepreneur) की अहम भूमिका है. वीएलई नागरिकों का पंजीकरण कर उन्हें विशेषज्ञ वकीलों से ऑनलाइन परामर्श दिलाने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग करते हैं और आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं. इससे आम लोगों को भरोसेमंद और सुरक्षित कानूनी सहायता एक ही स्थान पर मिल पा रही है.
सीएससी मैनेजर प्रदीप कुमार ने बताया कि टेली-लॉ योजना न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह योजना ग्रामीण नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और प्रभावी कानूनी सहायता का माध्यम बन रही है.
उन्होंने सभी वीएलई से अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा से जोड़ने की अपील करते हुए कहा कि “न्याय हर नागरिक का अधिकार” की भावना को साकार करने में टेली-लॉ योजना अहम भूमिका निभा रही है. “एक कॉल, एक समाधान” के संदेश के साथ यह योजना ग्रामीण न्याय व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला रही है.