शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

छत्तीसगढ़: क्रिटिकल मिनरल, टिन खनन और ई-नीलामी से बढ़ेगा राजस्व व रोजगार

C

CG Khabar

15 जन. 2026, 05:33 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

पी. दयानंद
पी. दयानंद

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के खनिज संसाधनों से राजस्व और रोजगार बढ़ाने के लिए क्रिटिकल मिनरल, आदिवासी सहभागिता और तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था पर जोर दे रही है. खनन सचिव पी. दयानंद ने गुरुवार को कहा कि राज्य में 28 से अधिक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और पिछले दो वर्षों में खनन ब्लॉकों की नीलामी व अन्वेषण से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.


उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 में स्थापित छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) अब टिन, बॉक्साइट, लौह अयस्क, तांबा, हीरा, मैंगनीज, कोरंडम, डोलोमाइट और कोयला सहित नौ खनिजों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है.


दयानंद ने कहा कि ‘क्रिटिकल मिनरल’ घोषित टिन बस्तर के अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए आजीविका का अहम साधन बन गया है. सीएमडीसी सीधे आदिवासी खनिकों से टिन अयस्क की खरीद कर रहा है. टिन की खरीद दर बढ़ाकर 1,926 रुपये प्रति किलो कर दी गई है, जो पहले के मुकाबले लगभग तीन गुना है. इससे आदिवासी परिवारों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.


उन्होंने बताया कि आदिवासी हितग्राहियों को रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के लिए टीआईएन (ट्राइबल इंसेंटिव फॉर नेचुरल रिसोर्सेज) ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है.


खनन सचिव के अनुसार, सीएमडीसी ने एमएसटीसी के माध्यम से तकनीक आधारित ई-नीलामी प्रणाली अपनाई है. लौह अयस्क में रिकॉर्ड बिक्री मूल्य और प्रतिस्पर्धी खनन दरें प्राप्त हुई हैं.


अरिडोंगरी लौह अयस्क खदान से पिछले वर्ष राज्य को लगभग 28.65 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि सीएमडीसी ने करीब 24 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया. खदान से 200 से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं. इसकी उत्पादन क्षमता 5 लाख टन से बढ़ाकर 20 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना है.


दंतेवाड़ा में विरोध के बीच बैलाडीला पहाड़ियों पर सीएमडीसी-एनएमडीसी संयुक्त उपक्रम एनसीएल द्वारा डिपाजिट 4 और 13 में खनन की तैयारी है. 


2026 में उत्पादन शुरू होने की संभावना है. चरम क्षमता पर इन परियोजनाओं से राज्य को लगभग 7,000 करोड़ रुपये और सीएमडीसी को 3,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है.


महासमुंद जिले के बलौदा–बेलमुंडी क्षेत्र में हीरा युक्त किम्बरलाइट के संकेत मिले हैं और ड्रिलिंग जारी है.


केरवा कोयला ब्लॉक में 15.85 प्रतिशत प्रीमियम पर एमडीओ का चयन किया गया है, जिससे राज्य को सालाना लगभग 150 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है.


राज्य सरकार का लक्ष्य लौह अयस्क उत्पादन क्षमता 20 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने, बॉक्साइट उत्पादन में वृद्धि, लैप्स टिन खदानों की नीलामी, टिन स्लैग से टैंटालम-नायोबियम जैसे क्रिटिकल मिनरल निकालने का पायलट प्रोजेक्ट और डोलोमाइट खनन को तीन वर्षों में 20 लाख टन क्षमता तक विस्तार देने का है. इससे राज्य और सीएमडीसी दोनों की आय में बड़ा इजाफा होने की संभावना है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP