छत्तीसगढ़ ने कलमा बैराज के पास बनाया बांध, ओडिशा में गरमाई सियासत
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी जल विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. खबरों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार ने कलमा बैराज से करीब 12 किलोमीटर नीचे की ओर महानदी की मुख्य धारा पर एक नया रेत का बांध (Sand Bund) बना दिया है.
ओडिशा सरकार ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि इससे हीराकुंड बांध में पानी की आवक कम होने की आशंका है, जिससे राज्य के निचले जिलों में खेती और पेयजल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ सकता है.
इस घटनाक्रम के बीच, उप-मुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव की अध्यक्षता वाली अंतर-मंत्रालयी समिति जनवरी के आखिरी हफ्ते में एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाली है.
इस बैठक में छत्तीसगढ़ द्वारा उदंती नदी पर नए बैराज निर्माण और कलमा में रेत के बांध जैसे हालिया विवादों पर चर्चा की जाएगी.
महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (Tribunal) की अगली सुनवाई 7 फरवरी को होनी है, जिससे पहले ओडिशा सरकार अपनी रणनीति तय करेगी.
इस बीच, 'महानदी बचाओ आंदोलन' के संयोजक सुदर्शन दास ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस मुद्दे पर तुरंत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखने की मांग की है.
संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल 22 से 25 जनवरी तक कलमा से सुखसोधा तक नदी तटों का निरीक्षण कर डेटा जुटाएगा, जिसे राज्य सरकार को सौंपा जाएगा.