छत्तीसगढ़: बिलासपुर में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट बनेगा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है. गुरूवार को बिलासपुर में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए), बिलासपुर नगर पालिक निगम और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये गये. यह समझौता सतत योजना (SATAT - Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के तहत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन के लिये किया गया है.
छत्तीसगढ़ सरकार स्वच्छ ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. यह समझौता अपशिष्ट प्रबंधन, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा.
ग्राम कछार, बिलासपुर में स्थापित होने वाला यह संयंत्र प्रतिदिन 100.150 टन नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (MSW) का प्रसंस्करण करेगा. इस परियोजना में लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश बीपीसीएल द्वारा किया जाएगा. संयंत्र बिलासपुर और आसपास के नगरीय निकायों से प्रतिदिन 150 टन ठोस अपशिष्ट का उपयोग करेगा.
इससे पहले अक्टूबर 2024 में भिलाई नगर पालिक निगम के साथ त्रिपक्षीय समझौता हो चुका है. जनवरी 2025 में अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव और धमतरी में भी सीबीजी संयंत्रों के लिए एमओयू निष्पादित किये गये थे.
यह पहल छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.