बस्तर अब पिछड़ेपन नहीं, विकास से जाना जा रहा है: PM मोदी
रायपुर । संवाददाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जमकर सराहना की है. उन्होंने कहा कि जो बस्तर कभी महज एक आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह अपनी खेल प्रतिभा और ‘बस्तर ओलंपिक’ के माध्यम से पूरे देश में अपनी नई पहचान बना चुका है.
प्रधानमंत्री ने पुरानी व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले जिन क्षेत्रों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था और जहाँ अधिकारियों की तैनाती को 'पनिशमेंट पोस्टिंग' समझा जाता था, आज वहाँ युवा और होनहार अधिकारियों के नेतृत्व में विकास की नई धारा बह रही है. उन्होंने कई गाँवों में पहली बार शुरू हुई बस सेवा का उदाहरण देते हुए इसे एक उत्सव की तरह बताया.
प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से बस्तर में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है.
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है. उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के प्रति युवाओं में भारी उत्साह है, जिसकी भागीदारी पिछले वर्ष के 1.65 करोड़ से बढ़कर इस वर्ष 3.91 करोड़ तक पहुँच गई है.
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संभाग स्तरीय ‘बस्तर पंडुम’ का शुभारंभ 7 फरवरी को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाएगा और इसका समापन 9 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा. बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि पर्यटन, विकास और असीमित संभावनाओं का प्रतीक बन गया है.