छत्तीसगढ़ बंद: कांकेर हिंसा और धर्मांतरण विवाद के विरोध में प्रदेश ठप्प
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र (आमाबेड़ा) में हुई हिंसा और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों को लेकर बुधवार को बुलाए गए प्रदेशव्यापी बंद का राज्य में व्यापक असर देखने को मिला. सर्व समाज छत्तीसगढ़ के आह्वान पर आयोजित इस बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सहित कई व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया.
राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों में सुबह से ही बाजार, स्कूल और निजी संस्थान पूरी तरह बंद रहे, हालांकि अस्पताल और मेडिकल स्टोर जैसी आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं.
बंद के दौरान राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ और एक ब्लिंकिट कार्यालय के कर्मचारी के साथ मारपीट की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया था.
गौरतलब है कि यह विवाद 17 दिसंबर को कांकेर के बड़े तेवड़ा गांव में एक धर्मांतरित व्यक्ति के शव दफनाने को लेकर शुरू हुआ था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया. इस हिंसा में कई ग्रामीण, पत्रकार और पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
सर्व समाज ने सरकार के सामने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को सख्ती से लागू करने और निर्दोष ग्रामीणों पर दर्ज मामले वापस लेने जैसी पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं. प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.