छत्तीसगढ़ विधानसभा: SIR में 19 लाख नाम हटाने पर हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को मतदाता सूची के 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (SIR) का मुद्दा गरमा गया, जिसके चलते सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाते हुए गंभीर आरोप लगाया कि राज्य की मतदाता सूची से 187.30 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं.
महंत ने इसे एक गंभीर मानवीय और प्रशासनिक मुद्दा बताते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनका कोई रिकॉर्ड या स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने इस विषय पर सदन में तत्काल चर्चा की मांग की.
विपक्ष के इन आरोपों पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई. भाजपा विधायकों ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है.
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि राज्य सरकार के, इसलिए इस पर विधानसभा में चर्चा संभव नहीं है.
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 21 फरवरी, 2026 को छत्तीसगढ़ की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चार महीने तक चले इस विशेष अभियान के बाद राज्य में कुल 1,87,30,914 मतदाता पंजीकृत हैं. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और तय दिशा-निर्देशों के तहत पूरी की गई है.