छत्तीसगढ़ में अब AI वैन करेगी टीबी की पहचान और इलाज
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई पर ले जाते हुए, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने कोरबा जिले में 'प्रोजेक्ट श्वास' शुरू करने के लिए आश्रय फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस प्रोजेक्ट पर मुहर लगाई गई. अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत, SECL इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के लिए 4.99 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है.
यह छत्तीसगढ़ का अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट्स लोगों के घर-घर जाकर टीबी और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों की स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच करेंगी. यह सेवा विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जो कोयला खदानों से प्रभावित हैं या जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ नहीं हैं.
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत मरीजों को न केवल प्राथमिक उपचार और स्क्रीनिंग की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें उपचार से जोड़ने, नियमित फॉलो-अप, टीबी रोगी देखभाल किट, मासिक पोषण सहायता और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी व्यापक सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी.
अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से SECL का लक्ष्य क्षेत्र में टीबी के मामलों का समय पर पता लगाकर उन्हें जड़ से खत्म करना और स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सशक्त बनाना है.