छत्तीसगढ़: B.Sc. नर्सिंग में अब 10 परसेंटाइल पर मिलेगा प्रवेश
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में रिक्त पड़ी सीटों को भरने के उद्देश्य से एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है. विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब बी.एससी. नर्सिंग पाठ्यक्रम के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंडों में भारी रियायत दी गई है.
इस नए बदलाव के तहत, जिन अभ्यर्थियों ने कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) 2025 में न्यूनतम 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, वे अब नर्सिंग कॉलेजों में दाखिला लेने के पात्र होंगे. पूर्व में यह पात्रता सीमा काफी अधिक थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने की आशंका बनी हुई थी.
यह निर्णय भारतीय उपचर्या परिषद (INC), नई दिल्ली द्वारा जारी हालिया गाइडलाइंस और प्रवेश नियमों में दी गई शिथिलता के संदर्भ में लिया गया है. शासन ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रवेश नियम 2019 के प्रावधानों के अंतर्गत दी जा रही यह राहत केवल इसी विशेष सत्र के लिए प्रभावी होगी.
प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय बहुत कम बचा है, क्योंकि विभाग ने दाखिला लेने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की है. ऐसे में 10 परसेंटाइल या उससे अधिक अंक वाले इच्छुक छात्र अब बिना देरी किए रिक्त सीटों पर काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं.
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर योग्य अभ्यर्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करें ताकि छात्रों का साल खराब न हपरसेंटाइल क्या है?
परसेंटाइल यह नहीं बताता कि आपके कितने नंबर आए हैं, बल्कि यह बताता है कि परीक्षा में शामिल होने वाले कितने प्रतिशत छात्र आपसे नीचे (पीछे) हैं. इसे एक उदाहरण से समझते हैं:
मान लीजिए परीक्षा में कुल 100 छात्र शामिल हुए.
अगर आपका स्कोर 10 परसेंटाइल है, तो इसका मतलब है कि आपने परीक्षा देने वाले 10% छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है. यानी आप नीचे से 10वें स्थान के बाद हैं.
अगर किसी का 90 परसेंटाइल है, तो इसका मतलब है कि उसने 90% छात्रों से अधिक अंक प्राप्त किए हैं और वह टॉप 10% में शामिल है.
पहले नर्सिंग में प्रवेश के लिए ज्यादा परसेंटाइल की जरूरत होती थी (यानी आपको बहुत सारे छात्रों को पीछे छोड़ना पड़ता था). अब इसे घटाकर 10 परसेंटाइल कर दिया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अब वे छात्र भी नर्स बनने की दौड़ में शामिल हो सकेंगे, जिनके अंक प्रवेश परीक्षा में काफी कम आए थे, ताकि कॉलेज की सीटें खाली न रहें.