छत्तीसगढ़: CGMSC घोटाले में ACB ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. रविवार को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) में चिकित्सा उपकरणों और रिएजेंट्स की खरीद में हुई धांधली के आरोप में तीन व्यक्तियों-अभिषेक कौशल, राकेश जैन और प्रिंस जैन को गिरफ्तार किया गया.
सोमवार को विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने तीनों आरोपियों को 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
इन आरोपियों पर आईपीसी की धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
जांच में सामने आया है कि 'हमार लैब' योजना के तहत निविदा प्रक्रिया में भारी हेरफेर कर राज्य के खजाने को लगभग 550 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया गया.
मोक्षित कॉरपोरेशन नामक कंपनी ने अन्य दो फर्मों के साथ मिलकर 'पूल टेंडरिंग' और फर्जी दस्तावेजों के जरिए बाजार में प्रतिस्पर्धा को खत्म कर दिया.
हैरानी की बात यह है कि निविदा में शामिल तीनों कंपनियों ने उत्पादों और कीमतों के लिए एक जैसा पैटर्न अपनाया था, जिससे मोक्षित कॉरपोरेशन को सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में पेश किया जा सके.
इस मिलीभगत के कारण CGMSC को रिएजेंट्स और अन्य सामान एमआरपी से तीन गुना अधिक दरों पर बेचे गए. एसीबी अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही कुछ अन्य रसूखदारों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है.