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छत्तीसगढ़: लोक अदालत में 55 लाख मामलों का निराकरण हुआ

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13 दिस. 2025, 11:22 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

लोक अदालत
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बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में लोक अदालत में 55,27,165 मामलों का निराकरण हुआ तथा 6 अरब 49 करोड़ 35 लाख 93 हजार 768/- रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई.


सुलभ और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के एक अग्रणी प्रयास के तहत, माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और संरक्षक-इन-चीफ, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (CGLSA) ने राज्य के सभी 23 जिलों में आयोजित वर्ष की चौथी और अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही का व्यापक वर्चुअल निरीक्षण और आकलन किया.


उच्च न्यायालय से वर्चुअली जुड़कर, माननीय मुख्य न्यायाधीश ने कार्यवाही पर बारीकी से नज़र रखी और सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के साथ बातचीत की. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत मुकदमेबाजों के लिए सौहार्दपूर्ण और तेज़ी से विवादों को हल करने का एक महत्वपूर्ण मंच है, और उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों से लंबित मामलों के अधिकतम संभावित निपटारे के लिए प्रयास करने का आग्रह किया.


माननीय मुख्य न्यायाधीश ने व्यक्तिगत रूप से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गठित दो पीठों का दौरा किया और उनसे बातचीत की. इन पीठों की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा और माननीय न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु कर रहे थे. मुख्य न्यायाधीश ने लोक अदालत के प्रभावी संचालन को सुविधाजनक बनाने और सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान की भावना को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की सराहना की.


माननीय मुख्य न्यायाधीश के अनुकरणीय नेतृत्व में, सौहार्दपूर्ण समझौतों को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्यव्यापी विस्तृत योजना, जिसमें व्यापक प्री-सिटिंग और परामर्श सत्र शामिल थे, को क्रियान्वित किया गया.


इन ठोस प्रयासों का परिणाम एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आया. 13 दिसंबर, 2025 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च न्यायालय, जिला एवं सत्र न्यायालय, तालुका स्तर के न्यायालय और राजस्व न्यायालय शामिल थे, कुल 55,27,165 मामलों (आपराधिक शमनीय मामले, सिविल मामले, राजस्व मामले, प्री-लिटिगेशन मामले और यातायात चालान मामलों सहित) का समाधान किया गया और 6,49,35,93,768/- रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई. 


पदभार ग्रहण करने के बाद से, माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने लोक अदालत प्रणाली के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय प्रदान करने को लगातार प्राथमिकता दी है, जिसके लिए उन्होंने प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ निरंतर मार्गदर्शन और नियमित समीक्षा बैठकें की हैं.


माननीय मुख्य न्यायाधीश ने माननीय न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, CGLSA, माननीय न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, अध्यक्ष, HCLSC, सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, परिवार न्यायालय के न्यायाधीशों, लोक अदालत पीठों के सभी पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों और उन सभी हितधारकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस राष्ट्रीय लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान दिया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP