छत्तीसगढ़ के अपराध की राजधानी रायपुर
रायपुर । संवाददाता: रायपुर केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी ही नहीं है, अपराध की राजधानी भी है. छत्तीसगढ़ में हत्या, लूट, अपहरण की सबसे ज्यादा घटनायें रायपुर में ही होती है. सरकारी आंकड़ें इसकी गवाही देते हैं. यह आंकड़े साल 2023 से लेकर 20 जून 2025 तक के हैं.
रायपुर में हत्या के 175 मामले पंजीकृत हुये हैं. हत्या के मामलों में छत्तीसगढ़ में जशपुर दूसरे स्थान पर है वहां इस दौरान 161 हत्यायें हुई है. तीसरे स्थान पर रायगढ़ है जहां 150 हत्यायें हुई हैं. सरगुजा में 146 हत्या तो बिलासपुर में 125 हत्या हुई है. सबसे कम हत्या के मामले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ में 23 तथा रेल रायपुर में 2 हत्यायें हुई हैं.
जहां तक लूट की वारदात की बात है तो इसमें भी रायपुर अव्वल स्थान पर है. रायपुर में इस दौरान लूट के 177 वारदात हुये हैं. लूट के मामलों में दूसरे नंबर पर दुर्ग है जहां पर लूट के 110 मामले सामने आये हैं. तीसरे स्थान पर बिलासपुर हैं जहां पर 107 लूट के मामलें सामने आये हैं. चौथे स्थान पर कोरबा है जहां लूट के 58 मामलें तथा पांचवे स्थान पर रायगढ़ है जहां लूट के 49 मामलें सामने आये हैं. लूट के सबसे कम मामलें मोहला-मानपुर-अंबागढ़ है लूट के कोई मामलें नहीं हुये हैं. नारायणपुर में लूट के 1 मामला हुआ है.
अपहरण के मामलों में भी रायपुर छत्तीसगढ़ में अग्रणी रहा है. यहां इस दौरान अपहरण के 1223 मामलें दर्ज किये गये हैं. इसके बाद बिलासपुर में लूट के 834 मामलें हैं. तीसरे स्थान पर दुर्ग है जहां अपहरण के 651 मामलें दर्ज हुये हैं. इसके बाद चौथे स्थान पर कोरबा है जहां 484 मामलें दर्ज हुये हैं. पांचवें स्थान पर बलौदाबाजार है जहां अपहरण के 434 मामलें दर्ज किये गये हैं. अपहरण के सबसे कम मामलें दंतेवाड़ा में 321 दर्ज किये गये हैं रेल रायपुर में अपहरण के 8 मामलें दर्ज हैं.
इतना ही नहीं जनवरी 2023 से 15 जून 2025 तक रायपुर में रेप के 580 मामलें दर्ज किये गये हैं. इससे ज्यादा बिलासपुर में 611 रेप के मामले दर्ज हुये हैं. रेप के मामलों में बिलासपुर छत्तीसगढ़ में अग्रणी है तो रायपुर दूसरे नंबर पर है.
चोरी के मामलों में भी रायपुर छत्तीसगढ़ में अव्वल नंबर पर है यहां इस दौरान चोरी के 3776 मामलें दर्ज हुये हैं. चोरी के मामलों में बिलासपुर नंबर दो पर है यहां चोरी के 2166 मामलें तथा दुर्ग में 2028 मामलें दर्ज हुये हैं.