सावधान ! आयुर्वेदिक दवा में एलोपैथिक यौन उत्तेजना की दवा की मिलावट
चंडीगढ़ । डेस्क: अगर आप भी अपनी शारीरिक शक्ति और स्फूर्ति बढ़ाने के लिए 'X-Plus Gold' जैसे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट का सेवन कर रहे हैं, तो रुक जाइए. हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग ने एक राज्यव्यापी अलर्ट जारी करते हुए इस आयुर्वेदिक दवा को 'मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं' (NSQ) घोषित किया है. लैब परीक्षण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पूरी तरह प्राकृतिक और हर्बल होने का दावा करने वाली इस दवा में Tadalafil नामक एलोपैथिक दवा की मिलावट की गई है जो कि यौन उत्तेजना बढ़ाने वाली दवा है.
क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (RDTL), चंडीगढ़ द्वारा किए गए विश्लेषण (बैच नंबर VBX-044) में पाया गया कि इस उत्पाद में अश्वगंधा और शतावरी जैसी जड़ी-बूटियों के साथ-साथ चुपके से 'Tadalafil' मिलाया गया था. यह एक शक्तिशाली एलोपैथिक साल्ट है जिसका उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना जानकारी के इसका सेवन करना, विशेषकर दिल के मरीजों के लिए, जानलेवा साबित हो सकता है क्योंकि यह रक्तचाप (Blood Pressure) को खतरनाक स्तर तक गिरा सकता है.
यह मामला और भी गंभीर इसलिए हो जाता है क्योंकि यह दवा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर भी धड़ल्ले से बेची जा रही है, जहाँ इसके 120 कैप्सूल की कीमत 1,980 रुपये है. विज्ञापन में इसे 'शुद्ध शिलाजीत', 'स्वर्ण भस्म' और 'सफेद मूसली' युक्त ऑर्गेनिक औषधि बताकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा था.
अब सवाल यह उठता है कि जिन हजारों उपभोक्ताओं ने Amazon के माध्यम से यह दवा खरीदी है, उनका क्या होगा?
हरियाणा औषधि नियंत्रक ललित कुमार गोयल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ता तुरंत इस दवा का सेवन बंद कर दें. यदि आपने ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से इस बैच (जून 2025 निर्मित) की दवा खरीदी है, तो उसे तुरंत वापस करें. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी इस बैच की बिक्री रोकने और पुराने स्टॉक को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.
इस धोखाधड़ी के बाद, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने बाजार से इस उत्पाद को तुरंत वापस लेने का आदेश दिया है. अंबाला स्थित निर्माता इकाई 'वैदबन आयुर्वेद भवन' के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
आयुष विभाग को भी सूचित कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी मिलावट को रोका जा सके. फिलहाल, हरियाणा के ड्रग इंस्पेक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है और राज्य भर में इस दूषित दवा के स्टॉक को जब्त करने के आदेश दिए गए हैं.
गौरतलब है कि तडालाफिल (Tadalafil) मुख्य रूप से एक एलोपैथिक दवा है जिसका उपयोग पुरुषों में स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) और बढ़े हुए प्रोस्टेट (Benign Prostatic Hyperplasia) के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता है. यह शरीर की रक्त वाहिकाओं को आराम देकर अंगों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने का काम करती है.
हालांकि यह प्रभावी है, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के इसका सेवन अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है. इसके सामान्य दुष्प्रभावों में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, अपच और चेहरे पर लालिमा (Flushing) शामिल हैं.
सबसे गंभीर खतरा उन लोगों के लिए होता है जो पहले से ही हृदय रोग या उच्च रक्तचाप के लिए 'नाइट्रेट्स' युक्त दवाएं ले रहे हैं, क्योंकि तडालाफिल के साथ इनका मेल रक्तचाप को अचानक और जानलेवा स्तर तक कम कर सकता है.
इसके अलावा, कुछ मामलों में इसके सेवन से दृष्टि या सुनने की क्षमता में अचानक कमी और लंबे समय तक दर्दनाक रूप से पुरूष लिंग में अत्याधिक तनाव जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं. लिंग को सामान्य स्थिति में लाने के लिये सर्जन के पास जाना पड़ सकता है.