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ब्रिक्स: पहलगाम आतंकी हमलों की निंदा की

ब्रिक्स ने पहलगाम आतंकी हमलों की निंदा की है.

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07 जून 2025, 02:31 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

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नई दिल्ली । डेस्क: 4-5 जून 2025 को ब्राज़ीलिया में आयोजित 11वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के वार्षिक सम्मेलन ने आतंकी हमले की निंदा की है. भारत द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मुद्दों पर दृष्टिकोण को सभी देशों ने सराहा और उसे सर्वसम्मति से अंतिम संयुक्त घोषणा में शामिल किया गया. विशेष रूप से, आतंकवाद के मुद्दे पर भारत की निर्णायक नीति को गंभीरता से स्वीकार किया गया. भारत ने आतंकवादी हमलों की स्पष्ट और कड़ी निंदा की, और आतंकवाद के विरुद्ध “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति को अपनाने की आवश्यकता को जोरदार ढंग से रखा.


 4-5 जून 2025 को ब्राज़ीलिया में आयोजित 11वें ब्रिक्स संसदीय फोरम के वार्षिक सम्मेलन में भारत सहित 10 सदस्य देशों की संसदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. भारत का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने एक उच्च स्तरीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ किया. इस वर्ष ब्रिक्स संसदीय मंच में भाग लेने वाले 10 सदस्य देश थे: भारत, ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया. इन देशों की संसदों के प्रतिनिधियों ने सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी की और साझा घोषणापत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.


संयुक्त घोषणा में भारत के पहलगाम में हुये हालिया आतंकी हमले की कठोर शब्दों में निंदा की गई, और यह सहमति बनी कि सभी ब्रिक्स देशों की संसदें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करेंगी. श्री बिड़ला ने आतंकवादी संगठनों को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकने, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, आधुनिक तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने तथा जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोग जैसे पहलुओं पर साझा प्रयास करने पे जोर दिया.


भारत की नीति और नेतृत्व को विशेष रूप से सराहा गया, और ब्रिक्स संसदों द्वारा यह स्वीकार किया गया कि वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाये रखने में सभी राष्ट्रों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है. श्री ओम बिड़ला ने अपने संबोधन में विभिन्न विषयों पर भारत का सशक्त और स्पष्ट दृष्टिकोण प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट रूप से घोषित और दृढ़ नीति को दोहराते हुये, जिसमें आतंकवाद के विरुद्ध कड़ी और सशक्त प्रतिक्रिया तथा “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है, श्री बिरला ने विशेष रूप से आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग, न्यायोचित एवं संतुलित वैश्विक व्यवस्था, तकनीकी नवाचार में सहभागिता और लोकतांत्रिक संवाद जैसे विषयों पर भारत का पक्ष रखा.


सम्मेलन के दौरान अनेक दौर की गहन चर्चाओं और विचार-विमर्श के पश्चात, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था, अंतर-संसदीय सहयोग, वैश्विक शांति और सुरक्षा जैसे प्रमुख विषयों पर व्यापक सहमति बनी.


सम्मेलन के अंत में अगली बार 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम की मेज़बानी भारत को सौंपी गई. और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला को अध्यक्षता सौंपी गई. भारत अब ब्रिक्स संसदों के बीच बढ़ते सहयोग को और सशक्त बनाने तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभायेगा.


भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने किया. प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, राज्यसभा सांसद श्री सुरेंद्र सिंह नगर, लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, लोकसभा सांसद श्री विवेक ठाकुर, लोकसभा सांसद डॉ. शबरी बैरेड्डी, लोकसभा महासचिव श्री उत्तपल कुमार सिंह, राज्यसभा महासचिव श्री पी.सी. मोदी, तथा लोकसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP