$100 के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड, ग्लोबल शेयर बाजारों पर दबाव
नई दिल्ली । डेस्क: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में हड़कंप मच गया है. तनाव बढ़ने से ऊर्जा क्षेत्र में महंगाई की आशंका गहरा गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है.
बुधवार को क्रूड का बेंचमार्क कॉन्ट्रैक्ट बढ़कर 100.19 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो जुलाई के बाद का उच्चतम स्तर है.
तनाव की मुख्य वजह दोनों देशों के बीच हुए ताज़ा सैन्य हमले हैं. अमेरिकी सेना ने रातभर में ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने जोर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर मिसाइलें दागीं. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि अमेरिकी युद्धपोतों पर हमलों की कोशिशों के जवाब में ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाना जारी रहेगा.
इस भू-राजनीतिक संकट का सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ा है. अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में एस एंड पी, डाउ जोंस और नैस्डैक में गिरावट दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में इंडस्ट्रियल और बैंकिंग शेयरों में बड़ी बिकवाली देखी गई.
एशियाई बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल रहा, हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में आई तेजी के चलते टेक शेयरों को थोड़ा सहारा मिला.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, तेल कीमतों में इस तेजी से दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है. यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त रुख अपनाने की संभावना है.
वहीं, बॉन्ड मार्केट पर भी इसका बुरा असर पड़ा है और अमेरिका, जापान सहित यूरोपीय देशों में बॉन्ड यील्ड कई दशकों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और सरकारों के कर्ज की लागत को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.