प. बंगाल में BJP की जीत का दावा
कोलकाता | संवाददाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सरकार बनायेगी.
कोलकाता में दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे शाह ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'विजय संकल्प कार्यकर्ता सम्मेलन' को संबोधित करते हुए कहा, "दीदी, आपका शासन खत्म हो चुका है. 2026 में बीजेपी सरकार बनायेगी. मैं आपको चुनौती देता हूं कि बिना हिंसा और धांधली के चुनाव करवायें, बंगाल की जनता आपकी जमानत जब्त कर देगी."
शाह ने ममता बनर्जी पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के तहत मुर्शिदाबाद में हुई सांप्रदायिक हिंसा को "राज्य प्रायोजित" करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय ने मुरशिदाबाद दंगों के दौरान सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तैनात करने की मांग की थी, लेकिन टीएमसी सरकार ने इसे रोक दिया, जिससे हिंसा जारी रही. अप्रैल 2025 में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हुए इन दंगों में तीन लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग बेघर हो गए.
शाह ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के हाईकोर्ट का रुख करने के बाद ही बीएसएफ की तैनाती संभव हो पाई.
उन्होंने ममता बनर्जी पर बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया. शाह ने कहा, "बंगाल के चुनाव केवल राज्य के भविष्य का फैसला नहीं करते, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हैं. ममता बनर्जी ने बांग्लादेशियों के लिए सीमाएं खुली रखी हैं. घुसपैठ उनकी सहमति से हो रही है."
भारत-बांग्लादेश की 4,096.7 किलोमीटर लंबी सीमा में से लगभग 3,232.2 किलोमीटर पर बाड़बंदी हो चुकी है, लेकिन पश्चिम बंगाल में इसका बड़ा हिस्सा अभी भी खुला है.
शाह ने ममता बनर्जी पर "ऑपरेशन सिंदूर" का विरोध करने का भी आरोप लगाया, जिसे उन्होंने मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने की नीति करार दिया.
उन्होंने कहा, "जब पहलगाम में बंगाल के पर्यटकों की हत्या हुई, तब ममता दीदी चुप रहीं, लेकिन अब ऑपरेशन सिंदूर का विरोध कर रही हैं."
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई थी. शाह ने बंगाल की महिलाओं से अपील की कि वे 2026 के चुनाव में "सिंदूर का महत्व" टीएमसी को समझाये.
उन्होंने स्कूल भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा, "कोलकाता के बाजारों में युवाओं की नौकरियां बेची जा रही हैं. टीएमसी नेताओं के घरों से इतना पैसा बरामद हुआ कि गिनने की मशीनें थक गईं." शाह ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार और हिंदुओं पर अत्याचार का केंद्र बन गई है.
टीएमसी ने शाह के बयानों का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के तहत चुनाव होते हैं, न कि राज्य सरकार के. टीएमसी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "क्या आप स्वीकार कर रहे हैं कि आपके नेतृत्व में भी निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं? हिंसा की जिम्मेदारी केंद्र की है, न कि राज्य की."
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी को 77 सीटें मिलीं. कांग्रेस और वामपंथी दलों को कोई सीट नहीं मिली. 2024 के उपचुनावों में टीएमसी ने चार और सीटें (रायगंज, बागदा, रानाघाट दक्षिण, माणिकतला) जीतकर अपनी संख्या बढ़ा ली है.