बीजापुर: तंबाकू नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 12 लोगों का कटा चालान
बीजापुर । संवाददाता: सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के आस-पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और सेवन पूरी तरह से गैरकानूनी है. इसके साथ ही, अठारह वर्ष से कम आयु के किशोरों को ऐसे उत्पाद बेचना या इनका विज्ञापन करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. प्रशासन लगातार आम जनता से एक स्वच्छ और तंबाकू मुक्त माहौल तैयार करने में सहयोग की अपील कर रहा है, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके.
इसी कड़ी में, नियमों को सख्ती से लागू करने के मकसद से शुक्रवार को बीजापुर में एक सघन अभियान चलाया गया. स्वास्थ्य विभाग, ड्रग विभाग और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक जगहों पर अचानक दबिश दी.
इस ताबड़तोड़ जांच के दौरान सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा-2003) की धारा 4 और 6 का खुला उल्लंघन करते पाए जाने पर 12 व्यक्तियों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई है.
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी मुहिम का मुख्य लक्ष्य महज जुर्माना वसूलना नहीं था, बल्कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रति गहरी जागरूकता पैदा करना भी था.
मौके पर मौजूद टीम ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि वे भविष्य में इन नियमों की अनदेखी न करें. प्रशासन की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि जनस्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए आने वाले दिनों में भी इस तरह की औचक कार्रवाई बदस्तूर जारी रहेगी.
तंबाकू उत्पाद अधिनियम या कोटपा एक्ट (COTPA) 2003 क्या है?
तंबाकू उत्पाद अधिनियम, जिसे संक्षेप में कोटपा (COTPA) 2003 कहा जाता है, भारत सरकार द्वारा देश में तंबाकू के सेवन को नियंत्रित करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने और तंबाकू के दुष्प्रभावों से लोगों को बचाने के लिए लागू किया गया एक केंद्रीय कानून है. इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को तंबाकू की लत से दूर रखना तथा गैर-धूम्रपान करने वालों को सार्वजनिक स्थानों पर पैसिव स्मोकिंग (दूसरों के धुएं) के खतरे से सुरक्षा प्रदान करना है.
इस कानून की धारा 4 के तहत देश भर में सभी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान (जैसे सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीना) को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है. सार्वजनिक स्थानों में अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी व निजी कार्यालय, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होटल, रेस्तरां और सार्वजनिक वाहन शामिल हैं. इस नियम का उल्लंघन करने पर ऑन-द-स्पॉट चालान और जुर्माने का प्रावधान है.
इस कानून की धारा 6 मुख्य रूप से नाबालिगों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू की बिक्री को रोकने से संबंधित है.
इसके दो मुख्य भाग हैं-धारा 6(a) के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना या उनके द्वारा तंबाकू बिकवाना गैरकानूनी है, और इसके लिए दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है.
वहीं, धारा 6(b) के तहत किसी भी स्कूल, कॉलेज या अन्य शिक्षण संस्थान की 100 गज की परिधि के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है.