Exit Poll में नीतीश की बढ़त BJP के लिए 'खतरे की घंटी'
नई दिल्ली । डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव के एक्जिट पोल के नतीजे एनडीए गठबंधन के लिए उत्साहजनक हैं, क्योंकि ज्यादातर पोल्स में गठबंधन की सरकार बनने की बात कही गई है. हालांकि, इन नतीजों ने भाजपा की चिंता भी बढ़ा दी है. लगभग सभी एक्जिट पोल में यह संकेत दिया गया है कि नीतीश कुमार की जेडीयू की सीटों में इज़ाफ़ा हो सकता है. अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए एक खतरनाक संदेश होगा.
विश्लेषकों का मानना है कि इससे यह साबित होगा कि बिहार में 'मोदी मैजिक' या भाजपा के घुसपैठ का मुद्दा काम नहीं आया, बल्कि नीतीश कुमार पर लोगों का भरोसा ही निर्णायक कारक रहा. इसका मतलब होगा कि सरकार बनाने और चलाने के लिए एक बार फिर एनडीए को नीतीश कुमार पर ही निर्भर रहना पड़ेगा.
जहां मंगलवार को अधिकांश एग्जिट पोल्स ने एनडीए को भारी बहुमत से जीत का आश्वासन दिया, वहीं 'एक्सिस माय इंडिया' के बुधवार के सर्वे ने भाजपा गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है.
इस सर्वे के अनुसार, एनडीए (121-141 सीटें) भले ही मामूली बढ़त पर हो, लेकिन तेजस्वी यादव और राहुल गांधी का गठबंधन (98-118 सीटें) कड़ी टक्कर दे रहा है, जिससे त्रिशंकु विधानसभा की संभावना भी बनी हुई है. इस सर्वे का एक महत्वपूर्ण विश्लेषण यह है कि पहली बार के वोटर, युवा और बेरोज़गार मतदाताओं ने एनडीए को वोट नहीं दिया है.
इसके विपरीत, 'टुडेज़ चाणक्य' के सर्वे में एनडीए को 160 सीटें मिलने का स्पष्ट अनुमान लगाया गया है, जबकि तेजस्वी यादव का गठबंधन 77 सीटों पर सिमट जाएगा.