बेंगलुरु: गहराया रसोई गैस संकट बंद हो सकते हैं शहर के होटल
बेंगलुरु: गहराया रसोई गैस संकट बंद हो सकते हैं शहर के होटल, अन्य शहरों में भी यही हाल
बेंगलुरु । डेस्क: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार से होटल और रेस्तरां पूरी तरह बंद हो सकते हैं, जिससे शहर के लाखों लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा होने की आशंका है. बेंगलुरु होटल एसोसिएशन के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की आपूर्ति अचानक बंद होने के कारण यह कठोर कदम उठाना पड़ रहा है.
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि बिना किसी पूर्व सूचना के गैस सप्लाई रोके जाने से होटल उद्योग के पास परिचालन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
होटल एसोसिएशन ने सोमवार को जारी एक नोटिस में कहा कि यह व्यवधान न केवल व्यापार को प्रभावित करेगा, बल्कि उन हजारों छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और कामकाजी पेशेवरों के लिए भी बड़ी मुसीबत खड़ा करेगा जो अपने दैनिक भोजन के लिए पूरी तरह होटलों पर निर्भर हैं.
एसोसिएशन के मुताबिक, होटल उद्योग को 'अनिवार्य सेवा' की श्रेणी में रखा गया है, ऐसे में गैस की किल्लत एक बड़ा सामाजिक संकट बन सकती है.
इस आपूर्ति संकट के पीछे वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी अस्थिरता को मुख्य कारण माना जा रहा है.
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए भारी मात्रा में खाड़ी देशों और 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जैसे समुद्री मार्गों पर निर्भर है, जहां तनाव की वजह से आपूर्ति बाधित हुई है.
हैरानी की बात यह है कि तेल कंपनियों ने पहले आश्वासन दिया था कि अगले 70 दिनों तक गैस की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन अचानक आपूर्ति ठप होने से पूरा उद्योग सदमे में है.
होटल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्रियों से सप्लाई बहाल करने की अपील की है. यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो मंगलवार सुबह से बेंगलुरु की सड़कों पर सन्नाटा पसर सकता है और होटल पूरी तरह बंद रहेंगे.
कई समाचार-पत्रो के हवाले से खबर है कि कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत केवल बेंगलुरु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट अब देश के कई अन्य प्रमुख शहरों और राज्यों में भी फैल चुका है. ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर है:
मुंबई और महाराष्ट्र: मुंबई में कमर्शियल गैस की आपूर्ति रविवार से ही लगभग ठप है. 'इंडियन होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन' (AHAR) ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों में सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो मुंबई के करीब 9,000 रेस्टोरेंट और बार बंद हो सकते हैं. नागपुर और वर्धा जैसे जिलों में भी आपूर्ति बाधित होने की खबरें (स्रोत: Indian Hotels and Restaurant Association (AHAR) के अध्यक्ष विजय शेट्टी का आधिकारिक बयान.)
कोलकाता और पश्चिम बंगाल: कोलकाता के होटल, बेकरी और कैटरिंग उद्योग पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. यहाँ के होटल एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि आपूर्ति पूरी तरह बंद करने के बजाय इसे 'राशनिंग' के आधार पर जारी रखा जाए ताकि कारोबार पूरी तरह ठप न हो. (स्रोत: Hotel and Restaurant Association of Eastern India (HRAEI) के अध्यक्ष सुदेश पोद्दार.)
हैदराबाद और तेलंगाना: तेलंगाना में लगभग 40,000 छोटे-बड़े होटल और कैफे इस किल्लत से प्रभावित हो रहे हैं. हैदराबाद में वितरकों ने होटलों को गैस देने पर प्रतिबंध लगा दिया है और केवल अस्पतालों व हॉस्टलों जैसी अनिवार्य जगहों को प्राथमिकता दी जा रही है. (स्रोत: Telangana State Hotels Association के अध्यक्ष सद्दी वेंकट रेड्डी और Telangana LPG Distributors Association के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी.
गुजरात और राजस्थान: अहमदाबाद और साणंद के औद्योगिक इलाकों में गैस की भारी कमी देखी जा रही है. यहाँ टेक्सटाइल और केमिकल यूनिट्स को उनकी जरूरत का केवल 40% हिस्सा ही मिल पा रहा है. जयपुर में भी शादी-ब्याह के सीजन के बीच होटल मालिकों की चिंता बढ़ गई है. (स्रोत: Gujarat Gas Ltd द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई नियामक फाइलिंग (Regulatory Filing) और Vatva Industries Association के पूर्व अध्यक्ष अंकित पटेल व Sanand Industry Association के अध्यक्ष अजीत शाह के बयान. स्रोत: LPG Distribution Federation of Rajasthan के अध्यक्ष दीपक गहलोत और Federation of Rajasthan Hotels के सचिव रणविजय सिंह.))हैं.