बंगाल: SIR से भाजपा का 'घुसपैठिया' नैरेटिव फेल, विपक्ष हमलावर
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के SIR के ड्रॉफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस और माकपा के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि "अवैध घुसपैठियों" को लेकर भाजपा द्वारा फैलाया गया नैरेटिव पूरी तरह गलत साबित हुआ है.
माकपा राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि भाजपा का उत्साह तब ठंडा पड़ गया जब ड्रॉफ्ट सूची में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों का बेहतर मानचित्र सामने आया.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर राष्ट्रीय जनगणना नहीं करा रही है और अल्पसंख्यकों, आदिवासियों व महिलाओं जैसे हाशिए पर रहने वाले लोगों को 'रोहिंग्या' या 'घुसपैठिया' कहकर उन्हें अमानवीय बनाने की कोशिश कर रही है.
सलीम ने उन वैध भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए जिनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं और जिनका नाम सूची से छूट सकता है.
इसी क्रम में कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर के विधायक दल नेता गुलाम अहमद मीर ने भाजपा के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें बंगाल में करोड़ों घुसपैठियों की बात कही गई थी.
मीर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बंगाल ड्रॉफ्ट इलेक्टोरल रोल में कुल 58 लाख नाम हटाए गए हैं, जिनमें से 24.16 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं, 32.65 लाख मतदाता स्थानांतरित या अनुपस्थित (S-A-D) श्रेणी के हैं, और 1.38 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं. उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा इस प्रक्रिया को जल्दबाजी में निपटाने पर भी आपत्ति जताई.
गौरतलब है कि 16 दिसंबर को प्रकाशित इस ड्रॉफ्ट के बाद अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी, 2025 को जारी की जाएगी, जो 2026 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.