बलरामपुर: महान नदी पर बना पुल, रेत माफिया की मनमानी से धंस रही नींव
बलरामपुर । डेस्क: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में रेत माफियाओं के दुस्साहस ने सरकारी संपत्ति और जनसुरक्षा को दांव पर लगा दिया है. राजपुर जनपद के धंधापुर ग्राम पंचायत स्थित महान नदी के छिंदियाडांड घाट पर धड़ल्ले से हो रहे अवैध उत्खनन के कारण नदी पर बना महत्वपूर्ण पुल अब गिरने की कगार पर है.
महज पांच साल पहले 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हुए इस पुल के पिलर अब पांच फीट तक हवा में दिखने लगे हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने का डर सता रहा है.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रेत माफिया हर दिन सुबह से शाम तक सैकड़ों ट्रैक्टरों और भारी वाहनों के जरिए नदी का सीना छलनी कर रहे हैं. प्रतिदिन करीब 200 गाड़ियों से रेत निकालकर अंबिकापुर, बरियों, आरा और लूड्रा जैसे इलाकों में खपाया जा रहा है.
आश्चर्य की बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी कार्यों की आड़ लेकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे हर साल करीब 8 से 10 करोड़ रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है.
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर रेत से लदे वाहनों की बेखौफ आवाजाही के बावजूद खनिज और राजस्व विभाग की चुप्पी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. प्रशासन की इस कथित ढिलाई पर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं.
हालांकि, इस गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेते हुए राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने भरोसा दिलाया है कि राजस्व और खनिज विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर जल्द ही माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा ताकि नदी और पुल दोनों को सुरक्षित रखा जा सके.