रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

अमित शाह बोले- अब सिर्फ एक ही शिवसेना

C

CG Khabar

21 जून 2026, 06:17 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

अमित शाह
अमित शाह

मुंबई । डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के 9 में से 6 बागी लोकसभा सांसद कल औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, ये सभी बागी सांसद देश की राजधानी दिल्ली पहुंच चुके हैं. 


कल लोकसभा सचिवालय द्वारा इस विलय को बुलेटिन में शामिल करने के बाद ये सांसद मीडिया के सामने आकर बड़ी घोषणा कर सकते हैं. इस नए घटनाक्रम के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे के पास अब केवल तीन सांसद ही रह जाएंगे. 

विज्ञापन


इस सियासी हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया है. अमित शाह ने कहा कि अब तक हमें शिवसेना को 'शिंदे गुट' कहना पड़ता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी क्योंकि अब पूरा परिवार एक हो चुका है और अब से देश में सिर्फ एक ही शिवसेना है.


इस बीच, अपने सांसदों की बगावत को देखते हुए उद्धव ठाकरे ने कड़ा रुख अपनाया है. उद्धव ने उन सभी छह सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करने और वहां जनसभाएं करने का फैसला किया है, ताकि जनता के बीच जाकर इन सांसदों के खिलाफ जनमत तैयार किया जा सके. 


शिवसेना में इस टूट के बाद लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच गया है. भाजपा सूत्रों का यह भी दावा है कि समाजवादी पार्टी में भी असंतोष की स्थिति है और अखिलेश यादव के नेतृत्व से नाराज करीब दो दर्जन सांसद एनडीए के संपर्क में हैं. 


यदि ऐसा होता है, तो सत्ताधारी दल के लिए लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पास कराना बेहद आसान हो जाएगा. कोल्हापुर की रैली में अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस और उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग घुसपैठियों के वोट बैंक के सहारे अपनी राजनीति चमका रहे हैं, लेकिन यह देश कोई धर्मशाला नहीं है.


इसी सियासी उठापटक के बीच, मुंबई की एक विशेष अदालत ने करीब 20 साल पुराने कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड के सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. बरी होने वाले आरोपियों में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सौतेले भाई पद्मसिंह बाजीराव पाटिल भी शामिल हैं. 


मारे गए नेता के बेटे ओम राजे निंबालकर, जो कि उद्धव गुट के बागी सांसदों में से एक हैं, ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है. 


इस फैसले पर उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि ओम राजे को पिता के न्याय का भरोसा देकर एनडीए में शामिल किया गया था, लेकिन अदालत का नतीजा कुछ और ही आया. 


वहीं विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं का कहना है कि अगर फैसला खिलाफ आता तो महाराष्ट्र सरकार की सहयोगी एनसीपी नाराज हो सकती थी, जिसे टालने के लिए यह सब हुआ.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP