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Iran-Israel War- अब अमरीका ने किया ईरान पर हमला

Iran-Israel War- अब अमरीका की एंन्ट्री

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22 जून 2025, 06:06 AM 3 मिनट में पढ़ें 3

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली । डेस्क: ईरान-ईजरायल युद्ध में अब अमरीका की एंट्री हो गई है. अमरीका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान पर हमले किये हैं. हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा "ईरान को अब शांति स्थापित करनी होगी." वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि अमरीका ने यूएन चार्टर का उल्लंघन किया है.


इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से हालात को और बिगड़ने से रोकने और यूएन चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय क़ानून का पालन करने की अपील की है.

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रविवार सुबह अमरीका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हमने फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान समेत ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमलों को अंजाम दिया है. सभी विमान अब ईरान के वायु क्षेत्र से बाहर हैं."


ईरान पर अमेरिकी हमले के दो घंटे बाद उन्होंने व्हाइट हाउस से राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में ट्रंप ने इस अभियान को एक 'शानदार सफलता' बताया.


उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका यह क़दम एक स्थायी शांति का रास्ता खोलेगा, जिसमें ईरान के पास परमाणु शक्ति बनने की संभावना नहीं रहेगी.


गौरतलब है कि गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दो हफ़्ते की डेडलाइन दी थी लेकिन दो दिन बाद ही अमरीका का हमला बताता है कि ट्रंप इस मामले में बेसब्री से काम ले रहे हैं.


अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी हमलों की निंदा की है.


कांग्रेस सदस्य अलेक्ज़ेंड्रिया ओकासिओ-कोरटेज ने कहा कि ये संविधान और कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इससे उनके (ट्रंप) महाभियोग का आधार बनता है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "उन्होंने जल्दबाज़ी में ऐसा क़दम उठाया है, जिससे ऐसा युद्ध शुरू हो सकता है जो हमें बहुत लंबे समय तक फंसा सकता है."


कांग्रेस सदस्य रशीदा तालिब ने भी इन हमलों की निंदा की है. उन्होंने इन हमलों को अमेरिकी संविधान का घोर उल्लंघन बताया और इसमें कांग्रेस से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की.

उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि कैसे 'विनाश के हथियारों' के झूठे दावों पर मध्य पूर्व में दशकों तक चला अंतहीन युद्ध हमें कहां ले जाता है. हम अब फिर से उस झांसे में नहीं आएंगे."


इसके अलावा कांग्रेस के अन्य सदस्य जिम मैकगवर्न ने इस स्थिति को 'उन्मादी' बताया. उन्होंने कहा, "ट्रंप ने कांग्रेस की मंज़ूरी के बिना ईरान पर बम गिराया और हमें ग़ैरक़ानूनी तरीके़ से मध्य पूर्व के युद्ध में घसीट लिया. क्या हमने अब तक कोई सबक़ नहीं सीखा?"


इधर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सोशल मीडिया पर लिखा है, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमरीका ने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और एनपीटी का गंभीर उल्लंघन किया है."


"आज सुबह की घटनाएं क्रूर हैं और इनके दीर्घकालिक परिणाम होंगे. संयुक्त राष्ट्र के हर सदस्य को इस बेहद ख़तरनाक, अराजक और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिये."


इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप और मैं अक्सर कहते हैं, 'ताक़त के ज़रिए शांति.' पहले ताक़त आती है और फिर शांति आती है."


नेतन्याहू ने कहा, "आज रात, राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका ने बहुत ताक़त से कार्रवाई की है."

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP