दिल्ली प्रदर्शन के दौरान हिंदू रक्षा दल के सदस्यों द्वारा हमले का आरोप
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार और रविवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. वायरल वीडियो के आधार पर हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शनकारियों, छात्रों और महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी करने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
हालांकि, घटना स्थल पर पुलिस की मौजूदगी और कथित ढिलाई को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों द्वारा कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों पर हमले का दावा और संगठन की जिम्मेदारी
शनिवार को दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मार्ग और कनॉट प्लेस के आसपास भगवाधारी युवकों के समूहों ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया. सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में कुछ लोग प्रदर्शन कर रहे युवाओं और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट करते नजर आए.
घटना के बाद हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि मारपीट करने वाले लोग उनके संगठन के कार्यकर्ता हैं. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कमला मार्केट थाना क्षेत्र के तहत चार युवकों को गिरफ्तार किया है.
जांच के दौरान आरोपियों के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी कई विवादित सामग्रियां पाई गईं, जिन्हें बाद में हटा दिया गया.
पुलिस की कार्रवाई और विपक्षी नेताओं के निशाने पर प्रशासन
एक तरफ जहां पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया, वहीं दूसरी तरफ दक्षिणपंथी समूहों के खुलेआम घूमने और नारेबाजी करने पर विवाद गहरा गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने इस घटना के वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए.
प्रदर्शनकारियों और हिरासत में लिए गए लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उन्हें धमकाया गया और कुछ स्थानों पर दूर ले जाकर छोड़ दिया गया, जहां संदिग्ध तत्वों ने उनसे अभद्रता की. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.