लेबर कोड के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल
नई दिल्ली । डेस्क: देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और क्षेत्रीय फेडरेशनों के संयुक्त मंच ने चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के खिलाफ 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. यूनियनों का कहना है कि ये श्रम संहिताएं मजदूर-विरोधी हैं और इन्हें तुरंत वापस लिया जाना चाहिए. हड़ताल की तिथि पर औपचारिक मुहर 9 जनवरी 2026 को होने वाले राष्ट्रीय मजदूर सम्मेलन में लगाई जाएगी.
संयुक्त मंच में एटक (AITUC), एचएमएस (HMS), सीटू (CITU), इंटक (INTUC), एआईयूटीयूसी (AIUTUC), टीयूसीसी (TUCC), सेवा (SEWA), एआईसीसीटीयू (AICCTU), एलपीएफ (LPF) और यूटीयूसी (UTUC) शामिल हैं.
यूनियनों ने एक संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि सरकार संस्थागत ढांचे, मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन का इस्तेमाल कर श्रम संहिताओं के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन मजदूर इनके खिलाफ संघर्ष के लिए तैयार हैं.
ट्रेड यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार श्रम संहिताओं के तहत नियमों को अधिसूचित करती रही और इन्हें रद्द नहीं किया गया, तो वे बहु-दिवसीय आम हड़ताल और विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रतिरोधी आंदोलनों का रास्ता अपनाएंगी.
इसके अलावा यूनियनों ने ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) अधिनियम’ का भी विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे निजी और विदेशी कंपनियों को जोखिमपूर्ण परमाणु ऊर्जा उत्पादन में प्रवेश का मौका मिलेगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है.
साथ ही, मनरेगा की जगह नए कानून लाने, ग्रामीण रोजगार की गारंटी को कमजोर करने और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति देने का भी उन्होंने विरोध किया है. (Symbolic Photo)