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AI समिट विवाद: गलगोटियास यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने का आदेश

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18 फ़र. 2026, 07:02 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

ओरियन
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नई दिल्ली । डेस्क: भारत AI इम्पैक्ट समिट में ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटियास यूनिवर्सिटी को अपने स्टॉल को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है. सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, यह कदम यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित रोबोटिक डॉग 'ओरियन' को लेकर उठे विवाद के बाद उठाया गया है.


वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी की एक प्रतिनिधि ने 'ओरियन' को अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का विकसित उत्पाद बताते हुए इसकी खूबियां गिनाई थीं, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का गो2 मॉडल करार दिया. यह रोबोट बाजार में आसानी से उपलब्ध है और इसकी कीमत करीब 2-3 लाख रुपये है. इस खुलासे के बाद देशव्यापी आक्रोश फैल गया, जिसमें यूनिवर्सिटी पर आयातित तकनीक को स्वदेशी इनोवेशन के रूप में पेश करने का आरोप लगा.

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विवाद के बाद यूनिवर्सिटी ने सफाई जारी की. प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि बातों को स्पष्ट रूप से नहीं समझाया जा सका और गलतफहमी हुई. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिवर्सिटी ने कभी रोबोडॉग को खुद का निर्मित नहीं बताया. यह केवल छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें बेहतर तकनीक विकसित करने के लिए लाया गया था. 


यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वैश्विक स्तर की तकनीकों को कैंपस में लाना छात्रों की दृष्टि विकसित करने का हिस्सा है. वे इसे 'क्लासरूम इन मोशन' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि छात्र इसे समझें, चुनौती दें और भारत में बेहतर समाधान बना सकें.


यूनिवर्सिटी ने इसे 'प्रोपेगैंडा कैंपेन' करार देते हुए कहा कि नकारात्मकता छात्रों के मनोबल को ठेस पहुंचा रही है, जो वैश्विक टूल्स से सीखकर असली इनोवेशन की दिशा में काम कर रहे हैं.


इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर AI समिट को 'अव्यवस्थित पीआर शो' बताया और आरोप लगाया कि भारतीय प्रतिभा और डेटा का इस्तेमाल करने के बजाय चीनी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है. कांग्रेस ने इसे देश की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताया.


समिट के आयोजकों ने अभी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी का स्टॉल हॉल 6 में था, जो मंगलवार को काफी भीड़ वाला रहा, लेकिन विवाद के बाद बुधवार सुबह भीड़ काफी कम हो गई.


यह घटना भारत में AI और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले मंच पर पारदर्शिता और विश्वसनीयता के सवाल खड़े कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तकनीकों का इस्तेमाल स्वागतयोग्य है, लेकिन उन्हें गलत तरीके से पेश करना देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है.


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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP