अडानी ग्रुप ने रक्षा क्षेत्र में रखा कदम
नई दिल्ली । डेस्क: अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने रक्षा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'अस्त्रान डिफेंस लिमिटेड' (एडीएल) की स्थापना की है. यह नई कंपनी 13 जून, 2025 को अग्नेय सिस्टम्स लिमिटेड (एएसएल) के माध्यम से शुरू की गई, जो स्वयं अडानी एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है.
अहमदाबाद के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के साथ पंजीकृत इस नई इकाई की अधिकृत पूंजी 5 लाख रुपये है, जो 50,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित है, प्रत्येक शेयर का मूल्य 10 रुपये है. फिलहाल, कंपनी ने व्यावसायिक गतिविधियां शुरू नहीं की हैं, इसलिए इसका टर्नओवर शून्य है.
अस्त्रान डिफेंस लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में प्राइमर, प्रोपेलेंट, इग्नाइटर्स, विस्फोटक और विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद का निर्माण करना है. अग्नेय सिस्टम्स लिमिटेड इस कंपनी की 100 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी. यह कदम अडानी ग्रुप के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
गौरतलब है कि अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी, खनन, संसाधन प्रबंधन, बुनियादी ढांचा विकास जैसे विविध क्षेत्रों में कार्यरत है. 1993 में स्थापित यह कंपनी ग्रुप के नये व्यवसायों के लिए एक इनक्यूबेटर की भूमिका निभाती है. अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स जैसी कंपनियां इसी के तहत शुरू हुई थीं.
यह कंपनी भारत की एकीकृत संसाधन प्रबंधन (आईआरएम) व्यवसाय में अग्रणी है, जो कोयले के आयात और बिक्री के साथ-साथ भारत, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में खनन परियोजनाओं का संचालन करती है. इसके अलावा, अडानी सोलर के माध्यम से सौर ऊर्जा उत्पादन, डेटा सेंटर विकास और सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी कंपनी सक्रिय है. हाल ही में, अडानी ग्रुप ने हवाई अड्डा क्षेत्र में प्रवेश किया है और देश के छह हवाई अड्डों के संचालन और आधुनिकीकरण का अधिकार प्राप्त किया है.
2.94 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ अडानी एंटरप्राइजेज ने पिछले पांच वर्षों में 37 फीसदी की शानदार सीएजीआर (CARG) लाभ वृद्धि दर्ज की है. वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही और वार्षिक परिणामों में कंपनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. शेयर बाजार में भी कंपनी का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है, जो अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 2,026.90 रुपये से 25.4% ऊपर है और पांच वर्षों में 1,500% का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुकी है.
यह नया कदम अडानी ग्रुप की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती महत्वाकांक्षा को दर्शाता है.