परमाणु विस्फोट से एस्टेरॉयड की दिशा बदली जा सकती है
नई दिल्ली । डेस्क: पृथ्वी की ओर तेज़ी से बढ़ते किसी खतरनाक एस्टेरॉयड को समय रहते रोकना मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. इसी चुनौती से निपटने की दिशा में वैज्ञानिकों को एक नई उम्मीद मिली है.
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक हालिया शोध में दावा किया गया है कि अंतरिक्ष में नियंत्रित परमाणु विस्फोट के ज़रिये एस्टेरॉयड को पूरी तरह नष्ट किए बिना उसका रास्ता बदला जा सकता है.
अब तक वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि अगर एस्टेरॉयड को परमाणु हथियार से तोड़ा गया, तो उसके टुकड़े और रेडियोधर्मी पदार्थ पृथ्वी की ओर आ सकते हैं, जिससे और अधिक नुकसान हो सकता है. लेकिन नई रिसर्च बताती है कि परमाणु विकिरण के प्रभाव से एस्टेरॉयड टूटने के बजाय पहले नरम होता है और फिर पहले से अधिक मज़बूत हो जाता है.
शोध के दौरान प्रयोगशाला में उल्कापिंड के नमूनों पर तीव्र विकिरण का प्रभाव डाला गया. वैज्ञानिकों ने पाया कि अत्यधिक दबाव और झटके के बावजूद ये पिंड नष्ट नहीं होते, बल्कि उनकी आंतरिक संरचना बदल जाती है. इस बदलाव का उपयोग एस्टेरॉयड की दिशा में हल्का लेकिन निर्णायक परिवर्तन लाने के लिए किया जा सकता है.
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि एस्टेरॉयड के पास, उसकी सतह पर नहीं बल्कि कुछ दूरी पर, परमाणु विस्फोट किया जाए, तो उससे उत्पन्न ऊर्जा उसके कक्षपथ को बदल सकती है. इससे एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराने के बजाय सुरक्षित दिशा में निकल सकता है.
हालांकि वैज्ञानिक यह भी स्वीकार करते हैं कि इस तकनीक को अपनाने से पहले और व्यापक शोध की ज़रूरत है. वास्तविक अंतरिक्ष परिस्थितियों में इसका परीक्षण संभव नहीं है, इसलिए किसी भी भविष्य के खतरे से निपटने के लिए अत्यधिक सावधानी और सटीक गणना आवश्यक होगी.