खम्हरिया एनिकट सूखा, 44 गांवों में पानी सप्लाई बंद
छत्तीसगढ़ खम्हरिया एनिकट सूखा, 44 गांवों में पानी सप्लाई बंद
बेमेतरा | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्थित खम्हरिया एनिकट सूखने से 44 गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. एनिकट में पानी नहीं होने से सिधौरी फिल्टर प्लांट से इन सभी गांवों की पेयजल सप्लाई बंद हो चुकी है.
पानी नहीं पहुंचने से साजा विधानसभा के इन गांवों के करीब 65 हजार से अधिक ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं.
पीएचई विभाग का कहना है कि खम्हरिया एनिकट में पानी नहीं होने की वजह से सिधौरी से सप्लाई बंद है. पानी की सप्लाई बंद होने की जानकारी कलेक्टर एवं सक्षम अधिकारियों को मौखिक व पत्र के माध्यम से दी गई है.
एनीकट में पानी भरने के लिए भी पत्र लिखा गया है. नदी में पानी छोड़ने पर ही योजना के तहत जलापूर्ति हो पाएगी. बताया गया कि शिवनाथ नदी से छोड़े गए मोगरा बैराज का पानी खम्हरिया एनिकट तक नहीं पहुंच पाया है. इसी वजह से खम्हरिया एनिकट में जल भराव नहीं हो पाया है.
जबकि साजा ब्लॉक के 44 गांवों को यहीं से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है. क्योंकि साजा ब्लॉक के ये 44 गांव खारे पानी की समस्या से प्रभावित हैं. इसी समस्या से निजात पाने के लिए 3825 लाख रुपए से अधिक फंड से समूह जल प्रदाय योजना संचालित की जा रही है.
शिवनाथ नदी से पानी लेकर सिधौरी फिल्टर प्लाट में पानी को शुद्ध करने के बाद प्रभावित गांवों में नल के माध्यम से घर तक पानी पहुंचाया जाता है. लेकिन पिछले चार दिनों से खम्हरिया एनिकट में पानी नहीं होने की वजह से संबंधित गांवों में पेयजल सप्लाई बंद है.
15 दिनों में दूसरी बार बंद
प्रभावित गांव के लोगों ने बताया कि पिछले 15 दिनों के अंदर यह दूसरी बार है, जब पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई है.
इन गांवों में पानी नहीं आने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि मार्च से ही नल में पानी आना कम हो गया था.
चार दिन से तो बिल्कुल पानी नहीं मिल रहा है. अभी से यह स्थिति उत्पन्न हो रही है तो आने वाले दिनों में तो भीषण गर्मी पड़ने वाली है.
तब तो स्थिति और विकराल होने वाली है. अभी से गांवों में पानी के लिए लोग भटकने लगे हैं.
इन गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी
साजा ब्लॉक व विधानसभा के 44 गांव खम्हरिया एनिकट के पानी पर ही निर्भर हैं.
इन गांवों में सिरसा, गड़वा, केसतरा, सिधौरी, दहीमही, घोटमर्रा, खम्हरिया, बंगलेडी, केचवाही, चुह्का, खामडीह, रौदा, मोतेसरा, हाड़ाहुड़ी, कंदई, कातलबोड़, सेमरिया, किरकी, पदुमसरा, पदमी, हरादास, गिधवा, हथमुड़ी, हेडसपुर, सौनचिरैया, थानखम्हरिया, बरगा, चिचगांव, पलेनी, उसलापुर,साजन, भरमपुरी, कांपा, ठेलका, धौराभाठा, मनौरा, लालपुर, करही,कजरा, खपरी और ठेकापुर के घरों में नल से पानी नहीं पहुंच रहा है. यहां के ग्रामीण चार दिनों से पानी आने का इंतजार कर रहे हैं.
खारे पानी से प्रभावित विधानसभा के 44 गांवों को शुद्ध पानी देने के लिए योजना बनाई गई थी. इन गांवों के करीब 65,990 ग्रामीणों को प्रतिदिन 70 लीटर साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए योजना को संचालित किया जा रहा है.
जब योजना की शुरूआत की गई थी तब दिन में दो बार नल के माध्यम से पानी दिया जा रहा था. पिछले एक साल इसमें कटौती कर अब दिन में सिर्फ एक बार पानी दिया जा रहा है.
इस साल तो गर्मी के शुरूआती दिनों में ही पानी की समस्या आ चुकी है. अब तो दिन में एक बार भी पानी मिलने में संशय बना हुआ है. ग्रामीणों को 70 लीटर तो दूर 10 लीटर भी पानी मिलना मुश्किल हो गया है.
एनिकट से पहुंचता है टंकियों में
सिधौरी फिल्टर प्लांट से शुद्ध पानी पाइप लाइन के जरिए गांवों में बनी पानी टंकियों तक पहुंचाया जाता है. फिर पानी टंकी से घरों तक पानी की सप्लाई की जाती है.
फिल्टर प्लांट से ग्राम चुहका, बरगा की दो टंकी, सोनचिरैया, चिचगांव, उसलापुर, भरमपुरी, खपरी, कांपा, ठेलका, ढेलकापुर, भनोरा, कजरा, लालपुर और धौराभाठा की कुल 740 किलोलीटर क्षमता वाली टंकियों में पानी पहुंचता है.
योजना के तहत इसका संचालन व संधारण पीएचई विभाग द्वारा किया जा रहा है. इस योजना को चालू हुए पांच साल से अधिक हो गया है.