मानसून की बेरुखी ने किसानों को चिंता में डाला
मानसून की बेरुखी ने किसानों को चिंता में डाल दिया है
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में मानसून की बेरूखी से किसान चिंतित हैं. इन जिलों में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हुई है. जो भी बारिश हुई, वह भी खंड-खंड में हुई.
पूरे प्रदेश में अभी तक 82.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 35 फीसदी कम है. राज्य के बलरामपुर और जशपुर दो जिले ही है जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है.
वहीं बस्तर, सरगुजा व बिलासपुर संभाग के 4 जिलों बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरिया और रायगढ़ में सामान्य से कम बारिश हुई है. प्रदेश के 6 जिलों में तो अति कम बारिश हुई है. इन जिलों में बेमेतरा, धमतरी, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव और सुकमा है. बाकी 21 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है.
प्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम में उतार चढ़ाव का दौर जारी है. सुबह से शाम तक बादल छाए रहने के बाद भी तेज बारिश नहीं हो रही है. हालांकि कुछ एक स्थानों पर इस दौरान हल्की बारिश हुई है. मंगलवार को राजधानी रायपुर के कुछ हिस्सों में बारिश हुई. जबकि अधिकांश क्षेत्र सूखे ही रहे.
अगले 5 दिन अच्छी बारिश के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के संकेत हैं. इसके लिए अलर्ट भी जारी किया है.
इस दौरान सरगुजा, बिलासपुर और बस्तर संभाग में कहीं-कहीं पर भारी बारिश होने की संभावना है. शेष छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं.
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश की संभावना है.
इनमें सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मारवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और कबीरधाम शामिल हैं.
वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है.
इसके बाद कल यानी 26 जून से मौसम विभाग ने प्रदेशभर में जोरदार बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है.
एक माह पहले मानसून ने दी थी दस्तक
प्रदेश में 26 मई को मानसून ने दस्तक दे दी थी. इसके बाद पूरे प्रदेश में बारिश हुई. इससे पहले प्री-मानसून ने भी राज्य को तरबतर कर दिया था.
मानसून को यहां आए ठीक एक महीना होने को है. काफी दिनों तक बस्तर में मानसून के ठहर जाने के बाद आगे तो बढ़ा लेकिन बरस नहीं रहे हैं.
अब तक मानसून आने के बाद जून का महीना बारिश से भीगा रहता है. इसके विपरीत इस साल जून में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई.
जून के 24 दिन में महज 82.3 मिमी बारिश हुई है. जबकि औसत 127.8 मिमी है.
उत्तर-दक्षिण में झमाझम
पिछले 24 घंटे में सामरी, चांदो व कुटरू में 7 सेमी पानी गिरा है.
इसी तरह रामानुजगंज, गंगालूर, भटगांव, बिल्हा में 5, जांजगीर, भैरमगढ़, गिधौरी, टुंड्रा, शिवरीनारायण, कसडोल, नारायणपुर, पेंड्रा व बीजापुर में 4-4 सेमी वर्षा हुई.
पथरिया, नानगुर, चांपा, खड़गवां, भोपालपट्टनम, दरभा, रामानुजनगर, नरहरपुर, अंबागढ़ चौकी, माकड़ी, बोदरी, रामचंद्रपुर समेत कई इलाकों में 3-3 सेमी पानी बरस गया.
पिछले 24 घंटे में रायपुर में महज 2 मिमी बारिश हुई है. रायपुर में अब तक 41.6 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 62 फीसदी कम है.
खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित
प्रदेश में मानसून की बेरूखी के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुआई का काम प्रभावित हुआ है.
धान की खुर्रा बुआई लगभग 70 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हो पाई है. जबकि इस खरीफ सीजन में 39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान बुआई का लक्ष्य रखा गया है.
अल्प व खंडवर्षा से परेशान किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार रहे हैं, ताकि खरीफ फसलों की बुआई के कार्य में तेजी लाई जा सके.
तेज बारिश नहीं होने की वजह से किसान अभी तक रोपाई के लिए धान की नर्सरी भी नहीं लगा पाए हैं.
पहली बारिश होते ही कुछ किसानों ने धान की बुआई कर ली थी, उन किसानों को अब बीज के नुकसान होने का ख़तरा सता रहा है.
पिछले करीब पखवाड़े भर से अच्छी बारिश नहीं हुई है. जिससे किसान परेशान हैं.