कांग्रेस नेता शशि थरूर बने भाजपा की पसंद
नई दिल्ली | डेस्क: कांग्रेस नेता शशि थरूर क्या भाजपा की पसंद बन चुके हैं? सरकार के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल समूह के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिए नामों को खारिज कर के शशि थरूर को चुने जाने की घटना ने राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है.
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर और सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत की निरंतर लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस माह के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को सामने रखेगा. वे दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता के देश के मजबूत संदेश को लेकर जाएंगे.
प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक शामिल होंगे. केंद्र सरकार ने सात प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने वाले जिन सात सदस्यों की सूची जारी की है, उसमें शशि थरूर, कांग्रेस, रविशंकर प्रसाद, भाजपा, संजय कुमार झा, जदयू, बैजयंत पांडा, भाजपा, कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके, सुप्रिया सुले, एनसीपी और श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिव सेना शामिल हैं.
लेकिन दिलचस्प ये है कि कांग्रेस ने अपनी तरफ़ से जो सूची सरकार को सौंपी थी, उसमें शशि थरूर का नाम ही शामिल नहीं था.
जयराम रमेश ने खोला राज
शशि थरूर के नाम की घोषणा के कुछ ही देर बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट किया है.
उनके पोस्ट के मुताबिक़, कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधिमंडल समूह के लिए दिए गए नामों में शशि थरूर का नाम नहीं था.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "कल सुबह संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की और पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत का रुख़ स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जाने वाले प्रतिनिधिमंडल के लिए 4 सांसदों के नाम देने को कहा."
जयराम रमेश के मुताबिक़, शुक्रवार को दोपहर तक चार नाम दिए गए. जिनमें आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, डॉ. सैयद नसीर हुसैन और राजा बरार के नाम थे.
लेकिन जब पीआईबी की ओर से प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने वाले लोगों की सूची सामने आई तो इन चारों में से किसी का भी नाम उस लिस्ट में शामिल नहीं था.
इधर नाम की घोषणा के बाद शशि थरूर एक्स पर लिखा, "हाल की घटना पर अपने देश का नज़रिया रखने के लिए भारत सरकार के निमंत्रण से सम्मानित महसूस कर रहा हूं."
उन्होंने लिखा, "जब बात राष्ट्रीय हित की हो और मेरी सेवाओं की ज़रूरत हो, तो मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा."