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कस्टम मिलिंग घोटालाः भिलाई में ईडी की दबिश

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Hupendra Sharma

18 सित. 2025, 07:43 AM 3 मिनट में पढ़ें 2

कस्टम मिलिंग घोटाला
कस्टम मिलिंग घोटाला

दुर्ग-भिलाई | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 140 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार को भिलाई के हुडको और तालपुरी में दबिश दी है.


गुरुवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की चार सदस्यीय टीम हुडको निवासी सुधाकर रावके के घर पहुंची. ईडी की टीम घर के अंदर दस्तावेजों की जांच कर रही है.

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साथ ही तालपुरी निवासी पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक शुक्ला के घर पर भी छापेमार कार्रवाई चल रही. 


बताया जा रहा है कि टीम ने घर से कुछ डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा किए हैं. साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़ी कुछ कागजों की छानबीन की है. 


 इससे पहले 3 सितंबर को कस्टम मिलिंग घोटाला को लेकर भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर सहित कई जगहों पर एक साथ ईडी की टीम ने छापेमारी की थी.


कृषि कारोबार से जुड़े व्यापारियों के घरों और दफ्तरों में दबिश देकर अहम सबूत जुटाए थे. 


राजधानी रायपुर में ही तीन जगहों पर दबिश दी थी. जिसमें शंकर नगर, महावीर नगर और अमलीडीह के विस्टा कॉलोनी में टीम पहुंची थी.


ईडी की छापेमारी छत्तीसगढ़ में जिला खनिज निधि (डीएमएफ) के कथित दुरुपयोग मामले को लेकर की जा रही थी.


वहीं दुर्ग जिले के भिलाई-3 और शांति नगर में ईडी की टीम ने कार्रवाई की थी. यहां वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की थी. 


इसी तरह वैशाली नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शांति नगर के समीप विवेकानंद कॉलोनी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के घर पर छापेमारी की थी. यहां ईडी की टीम ने दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस की जांच की थी.


क्या है कस्टम मिलिंग घोटाला

छत्तीसगढ़ सरकार हर साल किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करती है. धान खरीदी के बाद सरकार उसे चावल में बदलने के लिए कस्टम मिलिंग के जरिए मिलर्स को देती है.


इस प्रक्रिया में मिलर्स को भुगतान किया जाता है. आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जी भुगतान किए गए हैं.


आरोप है कि कई जगहों पर धान की मिलिंग कागजों पर ही दिखाकर भुगतान उठा लिया गया. इसके अलावा अधिकारियों और मिलर्स की मिलीभगत से करीब 140 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है.


इस घोटाले में कई बड़े अधिकारी और मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं.


आरोप है कि कस्टम मिलिंग के एवज में प्रति क्विंटल 20 रुपए की वसूली की जाती थी. जिसका मास्टर माइंड राइस मिल एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर और मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी को बताया जा रहा है.


दोनों के खिलाफ ईडी ने 3500 पेज का चालान पेश किया है. जिसमें 35 पेज की समरी भी शामिल है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP