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तूतीकोरिन में का 45,984 ई-सिगरेट जब्त, 3 गिरफ्तार

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02 दिस. 2025, 01:20 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

ई-सिगरेट
ई-सिगरेट

चेन्नई । डेस्क: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तूतीकोरिन बंदरगाह पर इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की तस्करी के एक विशाल रैकेट का पर्दाफाश किया है. डीआरआई अधिकारियों ने चीन से आयात किए जा रहे एक कंटेनर से 10.41 करोड़ रुपये मूल्य की कुल 45,984 प्रतिबंधित ई-सिगरेट जब्त की हैं. इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है.


डीआरआई को इस गिरोह के बारे में विशेष खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके अनुसार तस्कर 'छतरी' की आड़ में ई-सिगरेट से भरे एक कंटेनर को तूतीकोरिन पोर्ट के रास्ते भारत में लाने की फिराक में थे. इस इनपुट के आधार पर, डीआरआई अधिकारियों ने 27 नवंबर, 2025 को संदिग्ध कंटेनर को रोका और उसकी गहन जाँच शुरू की.


जाँच के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि कुछ डिब्बों में घोषित कार्गो के रूप में छतरियाँ रखी थीं, लेकिन शेष और बड़े हिस्से में अत्यधिक मात्रा में ई-सिगरेट छिपा कर रखी गई थीं. 


सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त की गई इन मिश्रित स्वादों वाली 45,984 ई-सिगरेट की कीमत 10.41 करोड़ रुपये आंकी गई है. इसके साथ ही, 4.30 लाख रुपये मूल्य की 4,300 छतरियाँ भी बरामद की गईं.


डीआरआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, इस खेप को लाने-ले जाने में शामिल चेन्नई के तीन लोगों को तत्काल हिरासत में लिया और सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत गिरफ्तार कर लिया.


गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का आयात 'इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019' (PECA अधिनियम) और डीजीएफटी अधिसूचना सं. 20/2015-2020 दिनांक 26 सितंबर, 2019 के तहत पूरी तरह से प्रतिबंधित है.


डीआरआई ने दोहराया है कि वह देश के आर्थिक हितों और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ई-सिगरेट जैसे प्रतिबंधित एवं हानिकारक सामानों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए देश भर में निरंतर सतर्कता और प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखेगा.ई-सिगरेट

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बैटरी से चलने वाले उपकरण होते हैं जिनका इस्तेमाल लोग तरल पदार्थ को गर्म करके वाष्प बनाने के लिए करते हैं जिसे साँस के ज़रिए अंदर लिया जा सकता है. इन्हें ई-सिगरेट, ई-सिग्स या वेप्स भी कहा जाता है. भारत में ई-सिगरेट की कीमत 100 रुपये से लेकर 700 रुपये तक हो सकती है. 


कई अध्ययनों से पता चलता है कि ई-सिगरेट के इस्तेमाल से फेफड़ों की कई तरह की समस्याएँ हो सकती हैं. इससे आपको अस्थमा होने का खतरा बढ़ सकता है. खासकर वयस्कों में ई-सिगरेट के इस्तेमाल से अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है . इससे आपको सीओपीडी होने का भी खतरा बढ़ सकता है. 


भारत में सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट को पूरी तरह से बैन कर दिया. सरकार ने इसके लिए एक प्रतिषेध अधिनियम 2019 नाम से एक कानून बनाया. जिसके अंदर भारत में ई-सिगरेट से जुड़ी सभी गतिविधियों को गैर कानूनी घोषित कर दिया गया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP