अरावली बचाने राजस्थान में 1000 किमी की पदयात्रा का ऐलान
जयपुर । डेस्क : राजस्थान में अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की मांग को लेकर 'अरावली बचाओ' आंदोलन ने प्रदेशव्यापी स्तर पर गति पकड़ ली है. राजधानी जयपुर से लेकर उदयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी रहा.
एनएसयूआई (NSUI), करणी सेना और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेटों पर जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे.
उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट पर एनएसयूआई के सदस्यों ने विशाल प्रदर्शन किया, जहाँ भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखने को मिली. पुलिस ने इस दौरान कई युवाओं को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.
वहीं, जोधपुर में प्रदर्शन तब हिंसक हो गया जब युवाओं ने कलेक्ट्रेट के बैरिकेड्स फांदने की कोशिश की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा.
इसी बीच, पूर्व छात्र संघ नेता निर्मल चौधरी के नेतृत्व में युवाओं के एक समूह ने बुधवार से माउंट आबू से 1,000 किलोमीटर लंबी 'जन-जागरण पदयात्रा' शुरू करने की घोषणा की है.
यह यात्रा राजस्थान और गुजरात की सीमा से शुरू होकर विभिन्न गांवों और शहरों से गुजरेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य अरावली के विनाश के प्रति जन-जागरूकता फैलाना और लोगों को इस मुहिम से जोड़ना है.
चित्तौड़गढ़ सहित कई अन्य कस्बों में भी घेराव और प्रदर्शन की खबरें मिली हैं, जो इस आंदोलन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं.