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योगी सरकार का आदेश: जाति के आधार पर जुलूस और सभाओं पर रोक

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22 सित. 2025, 09:44 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

Yogi Aadityanath
Yogi Aadityanath

लखनऊ । डेस्क: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार को एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत जाति के आधार पर किसी भी प्रकार के जुलूस या सभा का आयोजन प्रतिबंधित होगा. इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों, जैसे सड़कों, पोस्टरों, साइनबोर्डों या वाहनों पर जाति का उल्लेख करने पर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी. 


यह निर्देश इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 16 सितंबर के एक फैसले के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई थी.

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निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए जाति आधारित सभाओं का आयोजन अब निषिद्ध है, क्योंकि यह सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ है. 


उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजकर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है.


इसके अलावा, पुलिस के रिकॉर्ड में भी जाति का उल्लेख नहीं किया जाएगा, सिवाय उन मामलों के जो अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हों. 


यदि कोई वाहन या पोस्टर पर जाति का उल्लेख पाया गया, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा.


2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस निर्देश ने राजनीतिक हलकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ पैदा की हैं. 


विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में जाति आधारित राजनीति और सभाएँ चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं.


इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक मामले में सरकार को जातिगत भेदभाव से निपटने और पुलिस रिकॉर्ड में जाति का उल्लेख न करने का निर्देश दिया था. इसके बाद यह सरकारी निर्देशिका जारी की गई है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP