कांग्रेस ने सऊदी-पाक रक्षा समझौते पर चिंता जताई
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस ने सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित "रणनीतिक आपसी रक्षा" समझौते पर गहरी चिंता व्यक्त की है. पार्टी ने इसे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "निजी कूटनीति" को एक और झटका करार दिया.
यह समझौता बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुआ, जिसमें कहा गया कि दोनों देशों में से किसी पर भी हमला दोनों के खिलाफ आक्रामकता माना जाएगा.
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर को हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भोज दिया.
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के चीन दौरे के कुछ दिन बाद ही राष्ट्रपति शी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के लिए चीन का गुप्त सैन्य परिसर खोल दिया. अब सऊदी अरब, जहां पहलगाम हमलों के समय प्रधानमंत्री थे, ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता किया."
रमेश ने इस समझौते को भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बताया.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस कदम के राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभावों का अध्ययन करेगा. यह समझौता कतर में हमास नेतृत्व पर हाल के इजरायली हमले के बाद आया है, जो क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है.