राष्ट्रपति जरदारी: 'शहादत आनी है तो यहीं आएगी, बंकर में नहीं छिपूँगा'
लरकाना (सिंध) । डेस्क: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत द्वारा इस साल मई में किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है. अपनी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की 18वीं पुण्यतिथि पर लरकाना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जरदारी ने बताया कि जब भारत के साथ संघर्ष शुरू हुआ, तो उन्हें सुरक्षा के लिहाज से 'बंकर' में छिपने की सलाह दी गई थी.
राष्ट्रपति जरदारी ने बताया कि उनके मिलिट्री सेक्रेटरी ने उनसे आकर कहा था कि युद्ध शुरू हो गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान यानी बंकर में चले जाना चाहिए.
इस पर जरदारी ने जवाब दिया, "अगर शहादत आनी है, तो वह यहीं आएगी. नेता बंकरों में नहीं मरते, वे युद्ध के मैदान में मरते हैं." उन्होंने दावा किया कि उन्हें चार दिन पहले ही इस बात का अंदाजा हो गया था कि युद्ध की स्थिति बनने वाली है.
गौरतलब है कि पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत के जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था.
चार दिनों तक चले इस तीव्र सैन्य संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी.
अपने संबोधन में जरदारी ने शांति की इच्छा जताते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने इस दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की तारीफ करते हुए कहा कि मई के संघर्ष में भारत को 'मुहंतोड़ जवाब' दिया गया था.