नेपाल में 47 की मौत, तिब्बत में 1000 पर्यटक फंसे
काठमांडू । डेस्क: नेपाल में भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण शुक्रवार से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि माउंट एवरेस्ट के तिब्बती किनारे पर हिमपात से करीब 1000 लोग फंस गए हैं. हिमालयी क्षेत्र में मौसम की मार से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं.
नेपाल के विभिन्न जिलों में मानसून की तबाही ने करीब एक दर्जन घटनाओं में 47 जिंदगियां लील लीं. पूर्वी इलाम जिले में भारत सीमा से सटे इलाकों में अलग-अलग भूस्खलनों से 35 लोगों की मौत हो गई. बाढ़ के तेज बहाव में बहकर 9 लोग लापता हैं, जबकि अन्य जगहों पर बिजली गिरने से 3 की जान चली गई.
काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने दो दिनों की भारी बारिश से अवरुद्ध हुई सड़कों को फिर से खोल दिया है. नुवाकोट, हेटौड़ा और पृथ्वी राजमार्ग की ओर जाने वाली सड़कों पर एकतरफा यातायात बहाल कर दिया गया है.
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सुजन कुमारी बरदेवा ने रविवार को जारी बयान में कहा, "धादिंग, नुवाकोट और दक्षिणकाली खंडों में साफ-सफाई का काम तेजी से चल रहा है. धादिंग, चितवन, मकवानपुर और नुवाकोट जिला कार्यालयों की रिपोर्ट के आधार पर यातायात दबाव कम करने के लिए एकतरफा आवागमन की अनुमति दी गई है."
अधिकारियों ने चालकों से सतर्क रहने और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
दूसरी ओर, माउंट एवरेस्ट के पूर्वी ढलान पर स्थित तिब्बती क्षेत्र में शुक्रवार शाम से हो रही बर्फबारी ने हालात बिगाड़ दिए हैं.
चीनी राज्य मीडिया जिमू न्यूज के अनुसार, 4900 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इस इलाके में सड़कें बर्फ से अवरुद्ध हो गईं, जिससे करीब 1000 पर्यटक और यात्री फंस गए. स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दलों की सैकड़ों टीमें बर्फ हटाने में जुटी हैं. कुछ पर्यटकों को पहाड़ से नीचे उतार लिया गया है.
तिंगरी काउंटी टूरिज्म कंपनी के आधिकारिक वीचैट खाते पर जारी नोटिस में कहा गया है कि शनिवार देर रात से एवरेस्ट दर्शनीय स्थल पर टिकट बिक्री और प्रवेश निलंबित कर दिया गया है.
नेपाल पुलिस के अनुसार, सीमा पार भारी बारिश ने सड़कें अवरुद्ध कर दीं, पुल बहा दिए और भूस्खलन व बाढ़ से भारी तबाही मचाई है.
हथियारबंद पुलिस बल मुख्यालय के मुताबिक, शुक्रवार से अब तक देशभर में 43 मौतें दर्ज की गई हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं.
राहत कार्य जारी हैं, लेकिन मौसम सुधारने तक सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है.