गांधी जयंती पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा
नई दिल्ली । डेस्क: गांधी जयंती का अवसर देश में एक बड़े राजनीतिक घमासान का गवाह बनने जा रहा है. मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और बड़े पैमाने पर धांधली तथा कथित तौर पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में विपक्षी दल, छात्र संगठन और नागरिक समाज एकजुट होकर सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं. दिल्ली और मुंबई सहित देश के कई प्रमुख हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग के कामकाज में सुधार की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर लामबंदी हो रही है.
दिल्ली में प्रदर्शन पर रोक और कड़ी सुरक्षा
राजधानी दिल्ली में एआईएसए (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और राजद सांसद मनोज झा के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर एक विशाल जनसभा का आह्वान किया गया है. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करते हुए नई दिल्ली क्षेत्र और आसपास के इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती की गई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर हजारों लोगों की भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है.
मुंबई में 'जेल भरो आंदोलन' और दादर में मुस्तैदी
उधर मुंबई के शिवाजी पार्क में Cockroach Janta Party (CJP) ने भी पुलिस की अनुमति न मिलने के बाद गांधी जयंती पर 'जेल भरो आंदोलन' शुरू करने का फैसला किया है. पार्टी संस्थापक अभिजीत डिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है. इस आंदोलन को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे का भी समर्थन मिला है. मुंबई के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक दादर पर स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्यिक कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
INDIA ब्लॉक का 'लोकतंत्र बचाओ' अभियान
विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने मतदाता सूची पुनरीक्षण के मुद्दे पर 2 से 8 अक्टूबर तक 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकालने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है. इसके तहत देश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए जाएंगे. विपक्षी नेता इस मामले पर जल्द समाधान के लिए राष्ट्रपति से मुलाकात करने और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की योजना भी बना रहे हैं. इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए मतगणना केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई है.
भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष और अन्य संगठनों द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी गठबंधन के इस प्रदर्शन को 'परिवार बचाओ मार्च' करार देते हुए इसे आगामी चुनाव में मिलने वाली संभावित हार से पहले का अग्रिम बहाना बताया है. उन्होंने विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल खड़े किए हैं.